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3 फेज आधुनिक मेमू ट्रेन अपनी तरह की पहली ट्रेन, शीघ्र होगी संचालित

3 फेज आधुनिक मेमू ट्रेन अपनी तरह की पहली ट्रेन, शीघ्र होगी संचालित

डिजिटल डेस्क, नागपुर। भारतीय रेलवे में पहली बार 3 फेज मेमू ट्रेन को दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर मंडल चलाया गया। इसे पारंपरिक डीजल ट्रैक्शन मेमू ट्रेन से बदला गया है। इस रैक की विशेषता है कि इसमें 12 कोच शामिल हैं, जिसमें 3 मोटर कार और 9 ट्रेलर कार हैं। भारतीय रेलवे में अपनी तरह की पहली ट्रेन है।

ऐसी है खासियत

ट्रेन नं. 68804 नागपुर मंडल के गोंदिया-बल्लारशाह, गोंदिया-चांदाफोर्ट-बल्लारशाह और गोंदिया-बालाघाट-समनापुर खंड में चलेगी। 3 फेज मेमू इलेक्ट्रॉनिक बेस्ड सिस्टम है, जो मौजूदा सिंगल फेज मेमू का अपग्रेडेड मॉडल है। यह मेमू ट्रेन सेंसरों से लैस है, जो सुरक्षा की दृष्टि से लोको पायलट के लिए सुगम है। हर कोच में कंप्यूटर द्वारा नियंत्रण किया जा सकता है।  ब्रेकिंग सिस्टम, फायर सेफ्टी सिस्टम, एलईडी लाइट, ऑडियो विजुअल सिस्टम साथ ही आगामी स्टेशन की सूचना भी डिस्प्ले की जा सकती है। स्टेनलेस स्टील से बने कोच में एयर सस्पेंशन स्प्रिंग लगे हैं।  स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी शौचालयों में बायो टॉयलेट लगाए गए हैं। यह प्रयास रेल मंत्री के दृष्टिकोण और शोभना बंदोपाध्याय (मंडल रेल प्रबंधक नागपुर एस.ई.सी. रेलवे नागपुर डिवीजन) के मार्गदर्शन में किया गया है। 

इधर संघमित्रा एक्सप्रेस के एस-6 का पहिया जाम

नागपुर रेलवे स्टेशन पर आई संघमित्रा एक्सप्रेस की एक बोगी का चक्का जाम हो गया। यह घटना रात 8.30 बजे के बीच प्लेटफार्म क्रमांक-2 पर हुई। गाड़ी संख्या 12296 पटना-बंगलुरु संघमित्रा एक्सप्रेस का नागपुर स्टेशन पर पहुंचने का समय  शाम को 6 बजे है, लेकिन शनिवार को यह गाड़ी अपने समय से ढाई घंटे लेट 8.30 बजे पहुंची। गाड़ी फिर से निकलने की तैयारी में थी। तभी अचानक बोगी एस-6 के चक्के जाम हो गए। तुरंत लोको पायलट ने इसकी जानकारी रेलवे कंट्रोल रूम को दी। कंट्रोल रूम ने यह जानकारी नागपुर रेलवे स्टेशन पर अधिकारियों को दी। अधिकारी और मैकेनिकल कर्मचारी स्टेशन पर पहुंचे। यांत्रिकी विभाग नेक बोगी के चक्के को ठीक करने का प्रयत्न किया और करीब 40 मिनट बाद चक्कों को फिर से दुरुस्त किया गया। 
 

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