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बरसो रे मेघा : हताश किसान ने धान की नर्सरी पर चला दिया ट्रेक्टर


डिजिटल डेस्क, भंडारा। बारिश का इंतजार कुछ लंबा हो गया और बेबस किसान सिवाय उम्मीद के और रख ही क्या सकता है, लेकिन जब कहीं न कहीं उम्मीद भी लड़खड़ाती दिखी तो एक किसान इतना हताश हो गया कि उसने धान की बची खुची नर्सरी पर ट्रैक्टर चला दिया। उसे आभास हो गया था कि अब यह भी उसके नसीब में नहीं है, वो इसे बर्बाद होता ना देख सका, यही कारण था कि उसने नर्सरी कुचल दी। शायद वो अपनी मेहनत यूं सूखते नहीं देख पा रहा था, ऐसे में उसने अरमानों को मिट्‌टी में दफन करना ही मुनासिब समझा। अद्याल गांव के रहने वाले इस किसान का नाम अमोल उराडे है, बारिश की उम्मीद पर जब नाउम्मीदी के बादल छा गए, तो निराश किसान ने यह कदम उठाया। 

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