छत्तीसगढ़: भूपेश बघेल का बीजेपी सरकार पर तीखा हमला, जाति जनगणना से लेकर डीएपी संकट तक पर उठाए सवाल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर तीखा हमला बोला। रायपुर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने जाति जनगणना, परिसीमन, डीएपी की कमी, तबादला नीति और बेंगलुरु हादसे जैसे मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी।
जाति जनगणना पर संदेह
जाति जनगणना के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि जब तक इसकी प्रक्रिया शुरू नहीं होती, इस पर भरोसा करना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि जनगणना के बाद तुरंत परिसीमन नहीं होगा। इसके लिए पहले परिसीमन आयोग का गठन, राज्यों के साथ चर्चा और फिर लंबी प्रक्रिया होगी। 2026 में शुरू होने वाली जनगणना में देरी हुई तो परिसीमन भी अटक सकता है। बघेल ने जनगणना प्रोफार्मा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ जाति का कॉलम जोड़ने से कोई फायदा नहीं होगा। शैक्षणिक, आर्थिक और राजनीतिक पहलुओं को शामिल कर सर्वे होना चाहिए, ताकि इसका वास्तविक लाभ मिले। उन्होंने विपक्षी नेताओं से रायशुमारी की मांग भी की।
तबादला नीति पर कटाक्ष
राज्य सरकार की तबादला नीति पर बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार शिक्षा विभाग के तबादलों को भी ठीक से नहीं संभाल पा रही। युक्तिकरण के नाम पर ट्रांसफर किए जाते हैं, फिर रद्द कर दिए जाते हैं। दफ्तरों में प्रदर्शन हो रहे हैं, लेकिन सरकार का अमला इसे संभालने में नाकाम है।
डीएपी संकट पर सरकार को घेरा
डीएपी की कमी को लेकर बघेल ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसानों को न तो एमएसपी मिल रही है और न ही आंधी-तूफान से फसल नुकसान का मुआवजा। सरकार रूस-यूक्रेन युद्ध का बहाना बना रही है, लेकिन उनके कार्यकाल में भी यही युद्ध था, फिर भी डीएपी की कमी नहीं थी।
बेंगलुरु हादसे पर पलटवार
बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम हादसे पर भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा की टिप्पणी पर बघेल ने करारा जवाब दिया। उन्होंने पात्रा को "मानसिक रूप से पैदल" बताते हुए पूछा कि जब दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ हुई या पहलगाम में आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए, तब क्या उन्होंने रेल या गृह मंत्री से इस्तीफा मांगा? बघेल ने बेंगलुरु हादसे को दुखद बताते हुए मृतकों को श्रद्धांजलि दी और न्यायिक जांच की घोषणा का स्वागत किया।
पहलगाम हमले पर सवाल
पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले पर बघेल ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि उसकी जांच कहां तक पहुंची? सुरक्षा में चूक और मेडिकल सपोर्ट की कमी क्यों हुई? गृह मंत्री को वहां भेजने की बजाय एनएसजी और पुलिस फोर्स क्यों नहीं तैनात की गई? बघेल ने पात्रा से इन सवालों का जवाब मांगा और जांच रिपोर्ट की स्थिति पूछी।
Created On :   6 Jun 2025 1:11 AM IST















