विधानसभा चुनाव 2026: कांग्रेस का गढ़ रही मुस्लिम बहुल वाली बदुरिया विधानसभा सीट को अभी तक 1 बार जीत पाई है टीएमसी,अब स्थिति मजबूत

कांग्रेस का गढ़ रही मुस्लिम बहुल वाली बदुरिया विधानसभा सीट को अभी तक 1 बार जीत पाई है टीएमसी,अब स्थिति मजबूत
बदुरिया में करीब 56 प्रतिशत मुस्लिम,16.16 प्रतिशत SC वोटर्स हैं। जो चुनावी हार जीत में निर्णायक भूमिका निभाता है। लंबे समय तक कांग्रेस का गढ़ रहा है और कभी-कभी CPI(M) से चुनौती मिलती रही है, पिछले कुछ सालों से यहां तृणमूल कांग्रेस मजबूत है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1957 से अस्तित्व में आई बदुरिया विधानसभा सीट उत्तर 24 परगना जिले के अंतर्गत आती है, बदुरिया मुख्य रूप से एक ग्रामीण सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है। बदुरिया में करीब 56 प्रतिशत मुस्लिम,16.16 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग हैं। जो चुनावी हार जीत में निर्णायक भूमिका निभाता है।

पश्चिम बंगाल की सरकार का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। नई सरकार चुनने के लिए समय पर विधानसभा चुनाव हो रहे है। इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ साथ शिक्षा, विकास, बेरोजगारी, महंगाई और प्रदेश -केंद्र सरकार संबंध काफी अहम है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानससभा चुनाव 2026 के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की, यहां 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी, पहले फेज में 152 सीटों और दूसरे फेज में 142 सीटों पर वोटिंग होगी जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी।

सीट पर लंबे टाइम तक कांग्रेस का गढ़ रहा है और कभी-कभी CPI(M) से चुनौती मिलती रही है, पिछले कुछ सालों से यह तृणमूल कांग्रेस की ओर चला गया है. अब तक यहां 16 बार असेंबली इलेक्शन हुए हैं, जिसमें कांग्रेस ने 11 बार, CPI(M) ने 4 बार और TMC ने एक बार जीत दर्ज की है। मुस्लिम बहुल इलाका होने की वजह से बदुरिया ने हर बार एक ही मुस्लिम कैंडिडेट को चुना है। मौजूदा एमएलए अब्दुल गफ्फार काजी ने अब तक यहां 10 बार जीत हासिल की है, जिनमें से 9 बार कांग्रेस से और एक बार टीएमसी के उम्मीदवार के तौर पर इलेक्शन जीता है।

2026 के विधानसभा चुनाव में बदुरिया सीट पर तृणमूल कांग्रेस मजबूत स्थिति में है। स्थिति को देखते हुए यहां मुकाबला एकतरफा होने की उम्मीद थी, लेकिन एआईएमआईएम और जेयूपी के एक साथ आने से मुकाबला रोचक हो सकता है। वोटरों का ध्रुवीकरण होने से बीजेपी को भी लाभ मिल सकता है,लेकिन इसकी संभावना कम है। फिर भी नकारा नहीं जा सकता है।

मौजूदा सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं बीजेपी , वाम दल और कांग्रेस नए गठबंधनों और रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 294 में से 213 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी 77 पर सिमट गई थी। अबकी बार भी मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच माना जा रहा है।

Created On :   27 March 2026 12:46 PM IST

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