विधानसभा चुनाव 2026: हिंदुओं के पवित्र शहर के नाम से मशहूर तारकेश्वर SC बहुल, चुनावी हार जीत में होती है अहम भूमिका

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1951 में बनी तारकेश्वर विधानसभा सीट जनरल सीट है। तारकेश्वर में 17 बार विधानसभा चुनाव हुए है। हिंदुओं के एक पवित्र शहर के नाम से मशहूर तारकेश्वर को बाबा धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह हुगली जिले में आता है। यह पूरे भारत में शिव पूजा का एक बड़ा स्थान है, जिसकी शुरुआत 18वीं सदी के आखिर में हुई थी।
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सीट पर लंबे समय तक मार्क्सवादी फॉरवर्ड ब्लॉक (MFB) का कब्जा रहा, इलाकों को MFB का लाल किला माना जाता था, जो लेफ्ट फ्रंट का हिस्सा था। MFB ने यहां 10 बार विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की। जिसमें 1967 से 1971 तक लगातार 3 जीत और 1977 से 2006 तक लगातार 7 जीत शामिल हैं। कांग्रेस ने शुरुआती चार चुनावों में यहां जीत दर्ज की यानि 1951 से 1962 के बीच कांग्रेस का राज रहा। MFB का दबदबा सबसे पहले 1972 में कांग्रेस ने और 2011 में टीएमसी ने तोड़ा, पिछले तीन चुनाव टीएमसी ने जीते हैं।
तारकेश्वर विधानसभा सीट पर करीब 27 फीसदी एससी वोटर्स है, जो सर्वाधिक है। 5 फीसदी एसटी और 11 फीसदी मुस्लिम वोटर्स है। यहां के चुनाव में एससी मतदाता अहम भूमिका निभाता है। लेफ्ट फ्रंट-कांग्रेस गठबंधन के हाशिए पर होने की वजह से 2026 के असेंबली इलेक्शन में तारकेश्वर में मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी में सीधे तौर पर देखने को मिल सकता है। लेफ्ट-कांग्रेस का रिवाइवल मुकाबले को त्रिकोणीय बना सकता है।
पश्चिम बंगाल की सरकार का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। नई सरकार चुनने के लिए समय पर विधानसभा चुनाव हो रहे है। इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ साथ शिक्षा, विकास, बेरोजगारी, महंगाई और प्रदेश -केंद्र सरकार संबंध काफी अहम है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानससभा चुनाव 2026 के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की, यहां 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी, पहले फेज में 152 सीटों और दूसरे फेज में 142 सीटों पर वोटिंग होगी जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
मौजूदा सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं बीजेपी , वाम दल और कांग्रेस नए गठबंधनों और रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 294 में से 213 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी 77 पर सिमट गई थी। अबकी बार भी मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच माना जा रहा है।
Created On :   27 March 2026 12:36 PM IST












