विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल की तेहट्टा विधानसभा क्षेत्र में TMC, बीजेपी और CPI(M) के बीच हो सकता है त्रिकोणीय मुकाबला

पश्चिम बंगाल की तेहट्टा विधानसभा क्षेत्र में TMC, बीजेपी और CPI(M) के बीच हो सकता है त्रिकोणीय मुकाबला
2011 में फिर से विधानसभा सीट बनने के बाद हुए चुनाव में CPI(M) ने जीत हासिल की। 2016 में टीएमसी ने यह सीट छीन ली, 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत हुई।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 1951 में गठित तेहट्टा विधानसभा क्षेत्र पश्चिम बंगाल के नादिया जिले की एक जनरल कैटेगरी असेंबली क्षेत्र है, यह पूरी तरह से ग्रामीण रीजन है, जिसमें कोई शहरी मतदाता नहीं है। जमीन समतल और उपजाऊ मिट्टी होने की वजह से पूरे इलाके में खेती होती है। यह धान, जूट और मौसमी सब्जियों की खेती के लिए सही है। इंडस्ट्री स्तर से इलाका पिछड़ा है, क्योंकि यहां कोई बड़ी इंडस्ट्री नहीं है।

1951 और 1972 के बीच हुए 7 विधानसभा चुनावों में, कांग्रेस ने 6 बार दबदबा बनाया, जबकि सीपीआईएम ने एक बार, 1971 में यह सीट जीती। 1977 और 2006 के बीच तेहट्टा चुनाव क्षेत्र नहीं था। 2011 में फिर से विधानसभा सीट बनने के बाद हुए चुनाव में CPI(M) ने जीत हासिल की।

2016 में टीएमसी ने यह सीट छीन ली, 2021 के विधानसभा चुनाव में टीएमसी की जीत हुई। तेहट्टा में अभी तक हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत नहीं हुई। हालांकि बीजेपी का वोट ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। जिसने टीएमसी की टेंशन बढ़ा दी है। इस चुनाव में यहां त्रिकोणीय कड़ा और अप्रत्याशित मुकाबला हो सकता है। तेहट्टा में करीब 33 फीसदी एससी, 29 फीसदी मुस्लिम वोटर्स है। दोनों ही वर्ग चुनाव में अहम भूमिका अदा करते है।

पश्चिम बंगाल की सरकार का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। नई सरकार चुनने के लिए समय पर विधानसभा चुनाव हो रहे है। इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ साथ शिक्षा, विकास, बेरोजगारी, महंगाई और प्रदेश -केंद्र सरकार संबंध काफी अहम है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानससभा चुनाव 2026 के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की, यहां 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी, पहले फेज में 152 सीटों और दूसरे फेज में 142 सीटों पर वोटिंग होगी जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी।

मौजूदा सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं बीजेपी , वाम दल और कांग्रेस नए गठबंधनों और रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 294 में से 213 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी 77 पर सिमट गई थी। अबकी बार भी मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच माना जा रहा है।

Created On :   26 March 2026 4:30 PM IST

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