विधानसभा चुनाव 2026: मिनी-मुंबई के नाम से प्रसिद्ध टॉलीगंज में निर्णायक भूमिका में होता है SC वोटर्स, CPIM,TMC और BJP के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की उम्मीद

डिजिटल डेस्क, कोलकाता। टॉलीगंज विधानसभा सीट साउथ 24 परगना जिले में आती है। यहां लंबे समय तक लेफ्ट पार्टियों का दबदबा रहा। उन्होंने आठ बार जीत हासिल की है। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने 2001 से लगातार 5 जीत हासिल करके टॉलीगंज विधानसभा क्षेत्र को यहां अपना गढ़ बनाया है। टॉलीगंज में 12 फीसदी एससी वोटर्स चुनावी हार जीत में अहम भूमिका निभाता है। आपको बता दें यह रीजन साउथ कोलकाता का एक पॉश इलाका है, बंगाली और दूसरी रीजनल फिल्मों के प्रोडक्शन के लिए मशहूर मिनी-मुंबई के नाम से जाना जाता है।
टॉलीगंज का नाम कर्नल विलियम टॉली के नाम पर पड़ा, जिन्होंने 18वीं सदी के आखिर में टॉली नाला (अब आदि गंगा) की खुदाई करवाई थी। आज टॉलीगंज बंगाल के फिल्म उद्योग का दिल है, जिसे टॉलीवुड के नाम से भी जाना जाता है। यह एक क्रिएटिव इलाका था जो कभी बड़ी बंगाली हिट फिल्मों और नेशनल अवॉर्ड्स का जाना-माना नाम था। विधानसभा क्षेत्र मशहूर इलाका से भरा हुआ है। यहां सीपीआईएम ,टीएमसी और बीजेपी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है।
मौजूदा सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं बीजेपी , वाम दल और कांग्रेस नए गठबंधनों और रणनीतियों के साथ चुनावी मैदान में उतर रहे हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में टीएमसी ने 294 में से 213 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी, जबकि बीजेपी 77 पर सिमट गई थी।
अबकी बार भी मुख्य मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल की सरकार का कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। नई सरकार चुनने के लिए समय पर विधानसभा चुनाव हो रहे है। इस चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ साथ शिक्षा, विकास, बेरोजगारी, महंगाई और प्रदेश -केंद्र सरकार संबंध काफी अहम है। चुनाव आयोग ने 15 मार्च को पश्चिम बंगाल विधानससभा चुनाव 2026 के चुनावी कार्यक्रम की घोषणा की, यहां 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी, पहले फेज में 152 सीटों और दूसरे फेज में 142 सीटों पर वोटिंग होगी जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी।
Created On :   26 March 2026 4:33 PM IST












