अमेरिका-ईरान सीजफायर: दो हफ्ते के सीजफायर सस्पेंशन को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बताया बहुत ही नाजुक सीजफायर

दो हफ्ते के सीजफायर सस्पेंशन को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बताया बहुत ही नाजुक सीजफायर
जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा सीजफायर स्थायी हो अस्थायी न हो

डिजिटल डेस्क, हैदराबाद। तेलंगाना में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर सस्पेंशन पर कहा बहुत नाजुक सीजफायर हुआ है, भारत दक्षिण एशिया की बहुत बड़ी आवाज है और जहां पर अमन की बात आती थी वहां हम बड़ी भूमिका रखते आए हैं लेकिन मैं फिर से ये बात दोहरा रहा हूं कि प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे का समय बहुत गलत था, हम हमेशा से निष्पक्ष रहे और हममें इतनी क्षमता थी कि यदि दो पक्ष लड़ रहे हैं तो हम उन्हें साथ बैठाकर बातचीत कर सकें। मुझे लगता है कि पीएम मोदी को इस बात की समीक्षा करनी चाहिए कि क्या वजह रही कि एक पड़ोसी मुल्क जो हमेशा से हमें तंग करता रहा हो चाहें वो आतंकवाद के रूप में हो या किसी अन्य उसकी ये भूमिका रही। ईरान तो हमेशा से हमसे बड़ा करीब रहा है, हम उम्मीद करते हैं कि सरकार इसका रिव्यू करेगी और पता करेगी कि ऐसा क्यों हुआ।

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने US-इजराइल-ईरान संघर्ष में 15 दिन के सीजफायर की घोषणा पर कहा हिंदुस्तान ने हमेशा ये बात मानी है कि युद्ध कोई रास्ता नहीं है। युद्ध केवल विनाश लेकर आता है, इस दौरान हमेशा हिंदुस्तान का यही रवैया रहा है कि जंग किसी भी तरह रुकनी चाहिए, युद्ध किसी भी बात का समाधान नहीं है। आज सीजफायर की जो घोषणा हुई है, ये बहुत खुशी की बात है हालांकि पहले ही युद्ध की स्थिति नहीं बननी चाहिए थी, हम उम्मीद करते हैं कि सीजफायर स्थायी हो अस्थायी न हो।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने ईरान सीजफायर पर कहा मैं अल्लाह का शुक्रिया अदा करता हूं कि उसने दोनों देशों - US और ईरान - को आमने-सामने बैठकर बात करने की ताकत दी। जंग किसी भी मसले का हल नहीं है। बातचीत के अलावा कोई रास्ता नहीं है, हमें नहीं पता कि शांति लौटने में कितना समय लगेगा, J&K के बहुत से लोग उस इलाके में काम करते हैं। हमें उम्मीद है कि भारत इस जंग को खत्म करने में मदद करेगा।

ईरान सीजफायर पर उत्तर प्रदेश में सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा युद्धविराम का मैं स्वागत करता हूं। युद्ध का असर विनाशकारी होता है। वो किसी भी देश या दुनिया के लिए फलदायी नहीं होता है। युद्ध का नतीजा है कि लोग रसोई गैस के लिए तड़प रहे हैं। लोग पलायन कर रहे हैं। कोरोना काल जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

Created On :   8 April 2026 5:21 PM IST

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