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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को मिली अस्थायी सदस्यता को भुनाएगी भाजपा

June 18th, 2020 17:31 IST
 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को मिली अस्थायी सदस्यता को भुनाएगी भाजपा

हाईलाइट

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को मिली अस्थायी सदस्यता को भुनाएगी भाजपा

नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। भारत के 8वीं बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद(यूएनएससी) का अस्थायी सदस्य चुने जाने पर भारतीय जनता पार्टी इसे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि मान रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेता आगामी समय में होने वाले राजनीतिक कार्यक्रमों और वर्चुअल रैलियों में इस मुद्दे को जोरशोर से उठाएंगे।

पार्टी सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि वर्चुअल रैलियों में इस उपलब्धि को मोदी सरकार के दौर में भारत के दुनिया में बढ़ते कद के तौर पर प्रचारित किए जाने की तैयारी है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के तौर पर भारत का कार्यकाल दो वर्षो के लिए होगा। खास बात है कि 2021-22 के लिए भारत को निर्विरोध अस्थायी सदस्य के तौर पर चुना गया है। भारत को संयुक्त राष्ट्र महासभा के कुल 192 में से 184 सदस्यों ने वोट दिया।

भारत के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य बनने पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतत्व में गर्व की बात है कि भारत सर्वसम्मति से यूएनएससी की सदस्यता के लिए चुना गया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की अस्थायी सदस्यता के लिए मिला समर्थन न केवल भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है, बल्कि यह उसकी मजबूत कूटनीति को भी दर्शाता है।

वहीं केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने ट्वीट कर कहा, भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अगले 2 वर्षों के लिए गैर-स्थायी सदस्य बना। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई। यह बहुत महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब भारत संयुक्त राष्ट्र में अधिक मजबूत है।

भाजपा के कई और बड़े नेताओं ने इसे मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए ट्वीट किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में आठवीं बार अस्थायी सदस्य चुने जाने से इस अंतरराष्ट्रीय संस्था में भारत की स्थिति मजबूत होने को भाजपा के नेता आने वाले कार्यक्रमों में उठाएंगे। जनता को बताएंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति रंग ला रही है, दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ रहा है। मोदी सरकार के दूसरे साल के एक साल पूरे होने पर पार्टी की ओर से सभी प्रदेशों में वर्चुअल रैलियां की जा रहीं हैं। इन रैलियों में अब पार्टी के बड़े नेता संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मिली भारत की अस्थायी सदस्यता को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करेंगे।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।