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हाथरस कांड पर एकजुट विपक्ष: डैमेज कंट्रोल में योगी सरकार, पीड़ित परिवार से मिले अवनीश अवस्थी, बोले- दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

हाथरस कांड पर एकजुट विपक्ष: डैमेज कंट्रोल में योगी सरकार, पीड़ित परिवार से मिले अवनीश अवस्थी, बोले- दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ हुए दुष्कर्म के बाद मौत का मामला फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। आज शनिवार को एक बार फिर वहां गहमागहमी के आसार बनते दिख रहे हैं। जनता से लेकर विपक्षी दलों के नेता योगी सरकार पर हमला बोल रही है वहीं इस मामले को लेकर यूपी सरकार डैमेज कंट्रोल में जुटी हुई है।

शुक्रवार को पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बाद शनिवार को उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक हितेश चंद्र अवस्थी और अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी हाथरस में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे।अवस्थी ने कहा, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।

आज पुलिस ने मीडिया को पीड़ित परिवार से मिलने की इजाजत भी दे दी है। पीड़ित परिवार ने साफ कर दिया है कि वह नार्को टेस्ट नहीं कराएंगे।

हाथरस की घटना पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, यूपी के लिए ये कोई नई बात नहीं है, ये तो यूपी के लिए रोज़ का रूटीन हो गया है। इसमें​ सिर्फ पुलिस ज़िम्मेदार नहीं है, पुलिस तो एक हिस्सा है। ये वहां का नेतृत्व और उनकी मानसिकता दिखाती है।

यूपी में यह नया नहीं- गुलाम नबी 
योगी सरकार पर हमला बोलते हुए आजाद ने कहा, क्या यूपी में कोई व्यवस्था है? जब से यह सरकार सत्ता में आई है तब से ऐसे कई मामले सामने आए हैं। इससे पहले, लिंचिंग, विपक्षी नेताओं की हत्या और उनके खिलाफ मामले दायर करने के मामले थे। यूपी में यह नया नहीं है।

हाथरस की घटना मानवता पर धब्बा- अठावले
केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, हाथरस की घटना मानवता पर धब्बा है। आरोपी को फांसी की सजा दी जानी चाहिए और परिवार को न्याय दिया जाना चाहिए। मायावती इस मुद्दे पर राजनीति कर रही हैं। उन्हें सीएम योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग करने का कोई अधिकार नहीं है।

प्रियंका गांधी ने कहा, यूपी सरकार नैतिक रूप से भ्रष्ट है। पीड़िता को इलाज नहीं मिला, समय पर शिकायत नहीं लिखी, शव को जबरदस्ती जलाया, परिवार कैद में है, उन्हें दबाया जा रहा है। 

बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर कहा, हाथरस कांड को लेकर पूरे देश में आक्रोश है। इसकी शुरूआती आई जांच रिपोर्ट से जनता सन्तुष्ट नहीं लगती है। इस मामले की CBI से या फिर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होनी चाहिये।

यूपी के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को जवाब देने की जरूरत है। राजस्थान में एक जघन्य अपराध हुआ, लेकिन इसके बारे में बात नहीं करते। आपका (कांग्रेस का) सीएम बेशर्मी से इसका बचाव करने की कोशिश कर रहा है। आप अभी भी हाथरस जाना चाहते हैं, क्योंकि आपको लग रहा है कि आप 'दलित' कार्ड खेलेंगे।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रविवार को हाथरस के बूलगढ़ी गांव जाएंगे। अखिलेश वहां हाथरस में पीड़ित परिवार से मिलेंगे। माना जा रहा है, अखिलेश यादव पीड़ित परिवार के इंसाफ के लिए कल ही संघर्ष शुरू करेंगे। फिलहाल अखिलेश यादव बाहर है। दिल्ली से ही पीड़ित परिवार से मिलने हाथरस जाएंगे।

इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर युवती की हत्या की घटना में लचर जांच के दोषी एसपी, हाथरस विक्रांत वीर व तत्कालीन सीओ राम शब्द समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। इन सभी को निलंबित करने का फैसला एसआइटी की पहली जांच रिपोर्ट मिलने के बाद किया गया।

इसके साथ ही गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंड पीठ ने हाथरस की घटना का स्वत: संज्ञान लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए थे। हाई कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी, डीएम हाथरस प्रवीण कुमार व तत्कालीन एसपी विक्रांत वीर को 12 अक्टूबर को तलब किया है।

गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश के हाथरस के चंदपा क्षेत्र में 14 सितंबर को एक युवती पर उस समय जानलेवा हमला हुआ था, जब वह मां के साथ खेत में चारा लेने गई थी। मां की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही चार आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया। बाद में बयान के आधार दुष्कर्म की भी धारा जोड़ी गई। हालांकि पुलिस का दावा है कि फोरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस मामले में चारों आरोपियों को जेल भेज चुकी है।

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