दैनिक भास्कर हिंदी: Rajasthan Political crisis: गहलोत खेमे के सभी विधायक जयपुर से जैसलमेर शिफ्ट, 14 अगस्त तक वहीं रहेंगे

July 31st, 2020

डिजिटल डेस्क, जयपुर। राजस्थान में चल रहा सियासी घमासान फिलहाल थमता दिखाई नहीं दे रहा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के हॉर्स ट्रेडिंग के लगाए आरोपों के बीच गहलोत खेमे के सभी विधायकों को एक स्पेशल प्लेन के जरिए जयपुर से जैसलमेर शिफ्ट किया गया है। जैसलमेर में विधायकों को किसी रिसॉर्ट में रुकवाया गया है। विधानसभा सत्र शुरू होने तक एमएलए वहीं रहेंगे। राज्यपाल कलराज मिश्र ने 14 अगस्त से सत्र की मंजूरी दी है। उधर, राजस्थान भाजपा प्रमुख सतीश पूनिया ने सवाल पूछा है कि अगर कांग्रेस सरकार को कोई खतरा नहीं है तो विधायकों को कैद क्यों किया जा रहा है?

 

 

राजस्थान में हॉर्स ट्रेडिंग का ‘रेट’ बढ़ा
इससे पहले गुरुवार को सीएम गहलोत ने कहा था कि कल रात से जब से विधानसभा सत्र बुलाने की घोषणा हुई है, राजस्थान में विधायकों की खरीद-फरोख्त का ‘रेट’ बढ़ गया है। इससे पहले पहली किश्त 10 करोड़ और दूसरी किश्त 15 करोड़ रुपये थी। अब यह असीमित हो गई है। सब लोग जानते हैं कौन लोग खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। बता दें कि राज्यपाल कलराज मिश्र बुधवार को विधानसभा सत्र बुलाने पर सहमत हुए थे। राज्य में 14 अगस्त से सत्र की शुरुआत होगी। इसके लिए गुरुवार (30 जुलाई) को विधानसभा स्पीकर ने अधिसूचना भी जारी कर दी है।

टाइम लाइन:
-14 जुलाई: सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष ने अयोग्यता का नोटिस दिया और 17 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे तक जवाब मांगा।

-16 जुलाई: सभी 19 विधायकों ने नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। उधर, व्हिप चीफ महेश जोशी ने सरकार की तरफ से कैविएट लगा दी कि कोई भी फैसला किए जाने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।

-17 जुलाई: हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने सुनवाई की और दो जजों की बेंच में मामला भेजा। इस बेंच ने 18 जुलाई को सुनवाई तय की।

-18 जुलाई: हाईकोर्ट ने स्पीकर से कहा कि वे 21 जुलाई तक नोटिस पर कार्रवाई नहीं करें और अगली सुनवाई 20 जुलाई तय की। 

-20 जुलाई: हाईकोर्ट ने बहस पूरी न हो पाने के कारण कहा- 21 जुलाई को भी सुनवाई होगी।

-21 जुलाई: हाईकोर्ट ने 24 जुलाई के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया। स्पीकर को भी तब तक के लिए कोई निर्णय नहीं करने के लिए कहा।

-22 जुलाई: स्पीकर सीपी जोशी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। 

-23 जुलाई: कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। शाम को पायलट खेमे ने भी सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दाखिल की।

-24 जुलाई: हाईकोर्ट ने विधायकों की अयोग्यता को नोटिस को चुनौती देने वाली याचिका को सही मानते हुए विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस पर रोक लगा दी। कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने को कहा है। इस मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। 

-27 जुलाई: राजस्थान विधानसभा स्पीकर ने 19 विधायकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से याचिका वापस ली।

-29 जुलाई: स्पीकर ने फिर से सचिन पायलट समेत 19 बागी विधायकों को अयोग्य करार देने लिए जारी नोटिस पर यथा स्थिति बनाए रखने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।

-30 जुलाई: चुनाव के तुरंत बाद बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों और स्पीकर को राजस्थान हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया।