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IOA अध्यत्र बत्रा गैरकानूनी तरीके से कर रहे हैं काम, उन्हें जाना होगा : सुधांशु मित्तल

June 13th, 2020 09:45 IST
IOA अध्यत्र बत्रा गैरकानूनी तरीके से कर रहे हैं काम, उन्हें जाना होगा : सुधांशु मित्तल

हाईलाइट

  • आईओए अध्यत्र बत्रा गैरकानूनी तरीके से कर रहे हैं काम, उन्हें जाना होगा : सुधांशु मित्तल

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) के उपाध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने कहा है कि अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा द्वारा दिए गए आदेश पर दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक उनके उस एकतरफा रवैये का जवाब है जिसके तहत वो संघ में काम कर रहे हैं। मित्तल ने आईएएनएस से कहा कि बत्रा IOA अध्यक्ष का पद गैरकानूनी तरीके से संभाले हुए हैं और जल्द ही उन्हें अपने पद से हटना होगा।

मित्तल ने कहा, मैं उच्च न्यायालय के आदेश से काफी खुश हूं। बत्रा की पागलपंती रुकनी चाहिए। यह गैरकानूनी तरीके से काम कर रहे बत्रा की कार्यप्रणाली का जवाब है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह बड़ी जीत है और उनके तानाशाही रवैये पर रोक लगाएगी जिसके तहत वो काम कर रहे हैं। निकट भविष्य में उनके खिलाफ इस तरह की कई याचिकाएं दायर की जाएंगी। उन्हें जाना होगा।

मित्तल ने पहले कहा था कि दिसंबर-2017 में हुए IOA के चुनावों में अध्यक्ष पद के लिए बत्रा ने नियमों का उल्लंघन किया था। उन्होंने साथ ही कहा था कि बत्रा IOA अध्यक्ष और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के अध्यक्ष बनने के योग्य नहीं थे। FIH की अखंडता ईकाई (इंटेग्रीटी यूनिट) ने हालांकि बत्रा को क्लीन चिट दे दी है और कहा है कि वह बत्रा के खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं करेंगे।

इस पर मित्तल ने कहा कि यह गलत हरकत FIH की मुख्य कार्यकारी अधिकारी थिएरी वेल की है जिन्होंने उनकी शिकायत अनुशासन समिति के पास भेजने के बजाए अखंडता ईकाई के पास भेजी थी। मित्तल ने कहा, FIH ने शरारत की है। मैंने जो शिकायत की थी वो अनुशासन समिति के पास जानी थी, जो स्वतंत्र है, बजाए अखंडता ईकाई के। मित्तल ने कहा, सीईओ को बत्रा ने नियुक्त किया था इसलिए उन्होंने जानबूझकर शिकायत अखंडता ईकाई के पास भेज दी है।

बत्रा ने हालांकि अपनी तरफ से किसी भी तरह की धांधली की बात को नकारा है। उन्होंने FIH सीईओ और आईओसी अध्यक्ष थॉमस बाक को मित्तल द्वारा लगाए गए आरोपों के बाबत पत्र लिख अपनी बात रखी है और कहा है कि मित्तल 2021 में IOA के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ना चाहते हैं और इसलिए उनकी छवि धूमिल करने का काम कर रहे हैं।

मित्तल ने कहा, FIH तो छोटा मुद्दा है। मेरा मुख्य मुद्दा बत्रा का FIH अध्यक्ष पद पर चुने जाना IOA और आईओसी की भी गलती है। उन्होंने कहा, वह हार रहे हैं। मुद्दे को भटकाने के लिए उन्होंने यह बात कही है कि मैं अगले साल IOA अध्यक्ष का चुनाव लड़ना चाहता हूं और इसलिए मैं यह सब कर रहा हूं। उन्होंने कहा, लेकिन मैंने आईओसी के अध्यक्ष को लिखे पत्र में साफ कर दिया है कि मैं 2021 में IOA अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लडूंगा।

मित्तल ने आईओसी के एथिक्स कमिशन से बत्रा को हॉकी और ओलम्पिक मूवमेंट से बैन करने को कहा है। उन्होंने कहा, उनका चुनाव गैरकानूनी है और अध्यक्ष के तौर पर वह गैरकानूनी तरीके से काम कर रहे हैं जैसे ये उनकी खुद की कंपनी हो। उन्होंने मौजूद नियम, कानूनों को मानने से इनकार कर दिया है। उन्होंने IOA के संविधान का उल्लंघन किया है इसलिए मैंने आईओसी में याचिका डाली ताकि उन्हें उनके पद से हटाया जा सके।

मित्तल ने कहा कि वह FIH सीईओ को लिखेंगे कि उन्होंने गलती से उनकी शिकायत अखंडता ईकाई को भेज दी है। उन्होंने कहा, मेरी शिकायत अनुशासन समिति को दी जानी थी। अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया है तो मैं फिर कमिशन को लिखूंगा कि वह इस मामले को देखे क्योंकि यह FIH का नियम है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।