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INDvsENG : संकट में टीम इंडिया, वोक्स ने ठोका शतक, इंग्लैंड ने ली 250 रन की लीड

September 08th, 2018 18:13 IST
INDvsENG : संकट में टीम इंडिया, वोक्स ने ठोका शतक, इंग्लैंड ने ली 250 रन की लीड

हाईलाइट

  • दूसरा मैच लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जा रहा है।
  • मैच के तीसरे दिन इंग्लैंड ने टीम इंडिया पर 250 रन की लीड ले ली है।
  • भारतीय टीम ने पहली पारी में महज 107 रन ही बनाए।

डिजिटल डेस्क, लंदन। भारत और इंग्लैंड के बीच चल रही पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जा रहा है। मैच के तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने छह विकेट खोकर 357 रन बना लिए हैं। क्रिस वोक्स 120 नाबाद और सैम कुरन 22 रन बनाकर क्रिज पर डटे हुए हैं। इसके साथ ही इंग्लैंड ने टीम इंडिया पर 250 रन की लीड ले ली है। भारत की ओर से मोहम्मद शमी ने तीन विकेट झटके। वहीं हार्दिक पंड्या ने दो और इशांत शर्मा ने एक विकेट हासिल किया।

लंच के बाद इंग्लैंड का आक्रामक रूप
तीसरे दिन लंच के बाद मेजबान इंग्लैंड ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया को विकेट के लिए तरसा दिया। हालांकि टीम इंडिया ने लंच के बाद जोस बटलर (24 रन) को सस्ते में आउट कर इंग्लैंड को पांचवा झटका दिया। बटलर को शमी ने आउट किया। इसके विकेटकीपर बल्लेबाज जॉनी बेयरस्टो और हरफनमौला खिलाड़ी क्रिस वोक्स ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली।

इन दोनों ने एक के बाद एक चौके मारकर भारतीय टीम पर दबाव बना दिया। बेयरस्टो ने पंड्या की गेंद पर आउट होने से पहले 144 गेंदों में 12 चौके की मदद से 93 रन की पारी खेली। इसी दौरान वोक्स ने अपना पहला इंटरनेशनल शतक भी पूरा किया। वोक्स ने बेयरस्टो के साथ मिलकर छठवें विकेट के लिए 189 रन की साझेदारी निभाई। इसके बाद बैटिंग करने आए सैम कुरन ने वोक्स के साथ मिलकर दिन के खेल को समाप्त कर दिया। वोक्स ने 159 गेंदों में 18 चौके की मदद से 120 रनों की पारी खेली और नाबाद वापास लौटे।

लंच तक इंग्लैंड ने बनाए चार विकेट पर 89 रन 
इससे पहले मुकाबले का पहला दिन बगैर टॉस के बारिश के कारण धुल गया था। मैच के दूसरे दिन इंग्लैंड टीम ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी दी। टॉस हारकर बल्लेबाजी करने मैदान में उतरी भारतीय टीम का एक भी धुरंधर बल्लेबाज कोई खास कमाल नहीं दिखा सका और पूरी भारतीय टीम मेजबान इंग्लैंड के सामने 107 रन पर ढेर हो गई। इसके जवाब में तीसरे दिन मेजबान इंग्लैंड ने लंच तक चार विकेट खोकर 89 रन बनाए थे। सलामी बल्लेबाज एलेस्टेयर कुक (21 रन) और कीटन जेनिंग्स (11 रन) कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और जल्दी आउट हो गए। वहीं कप्तान रूट भी ज्यादा देर विकेट पर नहीं टिक सके और 19 रन पर पवेलियन लौट गए। डेब्यूटेंट ओली पॉप भी 28 रन बना सके और आउट होकर चलते बने।  

भारतीय टीम का फ्लॉप प्रदर्शन
मैच का पहला दिन बारिश के कारण पूरी तरह से धुल जाने के बाद दूसरे दिन टॉस हुआ। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। इस फैसले को सही साबित करते हुए इंग्लैंड के गेंदबाजों ने भारत के दो विकेट जल्दी चटका दिए। इंग्लैंड के तेज गंदबाज जेम्स एंडरसन ने भारत को पहले ही ओवर में झटका दिया। एंडरसन ने सलामी बल्लेबाज मुरली विजय को शून्य के स्कोर पर चलता किया। भारतीय टीम अभी पहले झटके से उभर भी नहीं पाई थी कि एंडरसन ने केएल राहुल (8 रन) को भी पवेलियन का रास्ता दिखा दिया।

मैच में धवन की जगह उतरे चेतेश्वर पुजारा भी कुछ खास नहीं कर सके और रन आउट हो गए। भारत को बड़ा झटका तब लगा जब कप्तान कोहली भी 23 रन बनाकर चलते बने। विराट को इंग्लिश गेंदबाज क्रिस वोक्स ने आउट किया। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए हार्दिक पंड्या भी ज्यादा कमाल नहीं दिखा सके और 11 रन पर आउट हो गए। वहीं दिनेश कार्तिक भी एक रन बनाकर भारत के छठवें बल्लेबाज के रूप में आउट हुए। इसके बाद पूरी टीम महज 107 रन पर आकर ढेर हो गई।

इंग्लैंड की ओर से तेज गेंदबाज एंडरसन ने सबसे ज्यादा 5 भारतीय खिलाड़ियों का शिकार किया। इसके बाद वोक्स ने दो विकेट चटकाए। जबकि सैम कुरन और स्टूअर्ट ब्रॉड को 1-1 विकेट हासिल हुआ।

बता दें कि सीरीज के पहले मैच में भारतीय टीम को 31 रनों से हार का मुंह देखना पड़ा था। इंग्लैंड की टीम इस वक्त सीरीज में 1-0 से आगे है।

क्या कहते हैं आंकड़े
आंकड़ों की बात की जाए तो भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 118 टेस्ट मैच खेले गए हैं। इनमें से भारत ने 25 टेस्ट अपने नाम किये हैं, वहीं 44 मैचों में इंग्लैंड ने विजय प्राप्त की है। दोनों टीमों के बीच 49 टेस्ट ड्रॉ रहे। वहीं इंग्लैंड की धरती पर खेले गए 58 टेस्ट मैचों में से भारत को सिर्फ 6 में जीत हासिल हुई, जबकि 31 में इंग्लैंड ने बाजी मारी। इंग्लैंड की धरती पर 21 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं।

टीमें - 
भारत - विराट कोहली (कप्तान), मुरली विजय, लोकेश राहुल, दिनेश कार्तिक (विकेटकीपर), चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, हार्डिक पांड्य, रविचंद्रन अश्विन, कुलदीप यादव, मोहम्मद शामी, ईशांत शर्मा

इंग्लैंड - जो रूट (कप्तान), एलिस्टेयर कुक, कीटन जेनिंग्स, जॉनी बेयरस्टो (विकेटकीपर), ओली पोप, जोस बटलर, क्रिस वोक्स, सैम कुरन, आदिल रशीद, स्टुअर्ट ब्रॉड, जेम्स एंडरसन

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।