Nagpur News: पावरग्रिड को जापानी बैंक से मिला 4700 करोड़ का लोन

पावरग्रिड को जापानी बैंक से मिला 4700 करोड़ का लोन
  • 2029 तक गुजरात से नागपुर पहुंचेगी 6 गीगावॉट सौर बिजली
  • खावड़ा-नागपुर ग्रीन पावर कॉरिडोर को जापान से बड़ा वित्तीय सहारा

Nagpur News गुजरात के खावड़ा से नागपुर तक बनने वाले देश के सबसे बड़े ग्रीन एनर्जी पावर कॉरिडोर को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय समर्थन मिला है। भारत सरकार के महारत्न उपक्रम पॉवरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड को इस परियोजना के लिए जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन से 80 अरब जापानी येन (करीब 4,700 करोड़ रुपए) का ग्रीन लोन मंजूर हुआ है। इस राशि का उपयोग खावड़ा-नागपुर हाई वोल्टेज डायरेक्ट करंट (एचवीडीसी) ट्रांसमिशन कॉरिडोर के निर्माण में किया जाएगा। ऋण समझौते पर भारत और जापान के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर हुए।

दुनिया के सबसे बड़े रिन्यूएबल पार्क से जुड़ेगा नागपुर : खावड़ा गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। जहां दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट करीब 72,600 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है, जो सिंगापुर से भी तीन गुना बड़ा बताया जा रहा है। यहां बड़े पैमाने पर सोलर और विंड पावर तैयार हो रही है। अब इसी ग्रीन एनर्जी को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाने के लिए एचवीडीसी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसके तहत खावड़ा से नागपुर तक 1200 किलोमीटर तक पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क स्थापित किया जाएगा । नागपुर के पास दूसरा एचवीडीसी कन्वर्टर स्टेशन बनाया जाएगा।

1200 किमी लंबी लाइन से पहुंचेगी ग्रीन बिजली : करीब 24,819 करोड़ रुपए की लागत वाले इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत गुजरात के खावड़ा से नागपुर तक लगभग 1200 किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइन बिछाई जाएगी। इसके जरिए 6,000 मेगावॉट (6 गीगावॉट) सौर ऊर्जा नागपुर लाई जाएगी। परियोजना को वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

नागपुर को अंतिम केंद्र इसलिए चुना गया क्योंकि यह देश के पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क का महत्वपूर्ण हब माना जाता है। यहां पहले से 765 केवी और 400 केवी के बड़े सबस्टेशन मौजूद हैं। इस प्रोजेक्ट से भविष्य में नागपुर और विदर्भ को बड़ी मात्रा में क्लीन और स्थिर बिजली मिलने की उम्मीद है। इससे ऑटोमोबाइल, स्टील, डेटा सेंटर, आईटी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को फायदा होगा। साथ ही कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता कम होने से प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलेगी।

प्रोजेक्ट पर एक नजर

- खावड़ा की सौर और पवन ऊर्जा नागपुर तक पहुंचेगी।

- नवंबर 2024 को पॉवरग्रिड को यह प्रोजेक्ट मिला

- नवंबर 2024 में भेल और हिताची को निर्माण कार्य का ठेका

- मार्च 2025 में केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग से प्रोजेक्ट के टैरिफ को मंजूरी

- जून 2026 में प्रोजेक्ट को ग्रीन लोन को मंजूरी दी।

- नवंबर 2028 में प्रोजेक्ट का पहला चरण शुरू

- मई 2029 तक पूरा खावड़ा–नागपुर एचडीवीसी प्रोजेक्ट शुरू होने का लक्ष्य


Created On :   7 July 2026 3:23 PM IST

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