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केन्द्र का बड़ा फैसला: सड़क दुर्घटना में घायलों का होगा 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज, घायलों को अस्पताल पहुंचाया तो मिलेगा 25 हजार का इनाम

New Delhi News. केंद्र सरकार सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके तहत अब देश भर में सड़क दुर्घटना की स्थिति में घायलों को 1.5 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा अधिकतम 7 दिनों तक के लिए होगी। इलाज का खर्च इंश्योरेंस कंपनियां वहन करेंगी और जहां इंश्योरेंस नहीं होगा वहां सरकार रोड सेफ्टी फंड से खर्च उठाएगी। असम, चंड़ीगढ़, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, पुडुचेरी और उत्तर प्रदेश में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सफल होने के बाद अब इस योजना को पूरे देश में लागू करने की तैयारी है। इसके साथ ही सड़क हादसे में समय पर घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिकों को राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपए बतौर इनाम दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस योजना का उद्घाटन करेंगे।
केंद्रीय सड़क परिवहन व राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन मंत्रियों की सालाना बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सड़क सुरक्षा, यात्रियों और आम लोगों की सुविधा, व्यापार करने में आसानी और ऑटोमोबाइल नियमों जैसे ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा हुई। गडकरी ने सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वह वाहन चालकों और सहयात्रियों द्वारा सीट बेल्ट और दोपहिया चालकों को हेलमेट का इस्तेमाल सख्ती से लागू करें।
हिट एंड रन मामलों में बढ़ी मुआवजे की राशि
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि हिट एंड रन मामलों में मुआवजे के नियमों को बदल दिया गया है। पहले इन मामलों में सिर्फ 17 प्रतिशत दावे ही मिल पाते थे। अब सरकार ने मुआवजे की राशि को कई गुना बढ़ा दिया है। दुर्घटना में मृत्यु होने पर पीड़ित परिवार को 25 हजार की जगह 2 लाख रुपए मिलेंगे। गंभीर रूप से घायल होने पर मुआवजे की राशि 12,500 रुपए से बढ़ाकर 50 हजार कर दिया गया है। इससे गरीब परिवारों को राहत मिलेगी।
जीरो फेटेलिटी (शून्य मृत्यू) जिला कार्यक्रम
गडकरी ने बताया कि बैठक में जीरो फेटेलिटी जिला कार्यक्रम की एक सूची जारी की गई है, जिसमें 100 जिले शामिल हैं। इसमें नागपुर जिले की सक्सेस स्टोरी का उल्लेख किया गया है, जहां सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों में 25 प्रतिशत की कमी आई है।
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आगामी संसद सत्र में आएगा मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट
गडकरी ने बताया कि संसद के आगामी सत्र में मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव में 61 संशोधन होंगे। राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक में इन प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
दिव्यांगजनों के लिए फ्रेंडली होंगी सिटी बसें
गडकरी ने बताया कि बैठक में दिव्यांगजनों की सुविधा का ख्याल रखते हुए सभी सिटी बसें दिव्यांगजन-फ्रेंडली बनाने पर चर्चा की गई। इन सिटी बसों में लो-फ्लोर हाइट, हाइड्रोलिक नीलिंग, व्हीलचेयर, लिफ्ट, रैंप और सहायक हैंडल जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
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बस बॉडी कोड पर भी हुआ मंथन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले तीन महीनों में छह बस दुर्घटनाओं में 145 लोगों की मौत हुई। इसके लिए खराब डिजाइन और घटिया सामग्री को जिम्मेदार माना गया। संशोधित बस बॉडी कोड एक सितंबर 2025 से लागू हुआ है, लेकिन इसके बाद भी कुछ समस्याएं सामने आईं। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्लीपर कोच बसें केवल ऑटोमोबाइल कंपनियां ही बनाएंगी और मौजूदा बसों में फायर डिटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट, इमरजेंसी लाइटिंग और ड्राइवर ड्रोसिनेस इंडिकेटर जैसी सुविधाएं अनिवार्य होंगी।
Created On :   8 Jan 2026 8:44 PM IST











