Panna News: गर्मी के मौसम में बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम हेतु दिशा-निर्देश

गर्मी के मौसम में बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम हेतु दिशा-निर्देश
राज्य शासन द्वारा वर्तमान परिस्थिति में गर्मी के मौसम में बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम के संबंध में निर्देश जारी किये गये है। जिसके तारतम्य में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉ. आर.पी. तिवारी द्वारा जिले के आमजन को अवगत कराया जाता है

Panna News: राज्य शासन द्वारा वर्तमान परिस्थिति में गर्मी के मौसम में बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम के संबंध में निर्देश जारी किये गये है। जिसके तारतम्य में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पन्ना डॉ. आर.पी. तिवारी द्वारा जिले के आमजन को अवगत कराया जाता है कि माह मार्च से माह जुलाई तक तापमान में बढोत्तोरी परिलक्षित होती है जिसके परिणामस्वमरूप हीट रैशेस त्वचा पर गुलाबी या लाल रंग के दाने निकलना, डीहाइड्रेशन गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाना, हीट स्ट्रोसक या लू गर्मी के कारण शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट के पास पहॅुच जाना की स्थिति निर्मित हो सकती है इनसे बचाव के लिए आवश्य क है कि गर्मी में घर से बाहर निकलते समय सिर को गमछे या तौलिये से ढककर ही निकले, रंगीन चश्मेर व छतरी का प्रयोग करें ढीले सूती कपडे पहने। इसके साथ ही हमेशा पानी तथा तरल पेय पदार्थ का अधिक से अधिक सेवन करें। बाहर जाते समय अपने साथ हमेशा पानी रखे गर्मी के मौसम मे बच्चों का विशेष ध्याान रखें बच्चों को सिखाये कि जब भी उन्हें अत्याधिक गर्मी महसूस हो तो वह तुरंत घर के अंदर आये बुजुर्गो को धूप में बाहर न निकलने दें व उन्हें समय-समय पर पानी पीने के लिये प्रेरित करे।

गर्मी के दिनो में ठंडे मौसमी फलोंका सेवन करने। यदि किसी दिन बहुत ज्यादा गर्मी है उस दिन ज्यादा व्यायाम से बचें क्योीकि इससे शरीर का पानी जल्दी सूखता है। सुबह जल्दी और देर शाम जब ठंडक हो तभी व्यायाम किया जाना चाहिए। लू लगने पर लक्षण इस प्रकार होते है जैसे तेज बुखार के साथ मॅुह का सूखना, गर्म लाल सूखी त्वचा, शरीर का तापमान अधिक होना, उल्टी आना, बहुत तेज सिर दर्द, मॉसपेशियों में कमजोरी व ऐंठन अधिक प्यास लगना और पेशाब कम आना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का ना आना। यह लक्षण प्रतीत होने पर लू से प्रभावित व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के तौर पर तुरंत छायादार जगह पर लिटाकर हवा करें ठंडे पेय पदार्थ, जीवन रक्षक घोल, कच्चा आम का शरबत आदि देना चाहिये रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिए उसके शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखना चाहिए। इसके अतिरिक्त समस्या होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में स्वास्थ्य उपचार कराना चाहिये लू तापघात एवं अन्य मौसमी बीमारियों के उपचार हेतु जिले के स्वास्थ्य संस्थाओं मे समस्त प्रकार की सुविधा नि:शुल्क उपलब्ध है।


Created On :   27 March 2026 1:49 PM IST

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