Panna News: आस्था के केंद्र में असुरक्षा का साया, कमजोर पुलिसिंग से उठ रहे सवाल

आस्था के केंद्र में असुरक्षा का साया, कमजोर पुलिसिंग से उठ रहे सवाल
बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपरा और आस्था का प्रतीक कुंआताल मेला इन दिनों अपनी भव्यता से ज्यादा अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। पन्ना जिले के इस सबसे पुराने और ऐतिहासिक मेले में उमड़ती हजारों की भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

Panna News: बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपरा और आस्था का प्रतीक कुंआताल मेला इन दिनों अपनी भव्यता से ज्यादा अव्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में है। पन्ना जिले के इस सबसे पुराने और ऐतिहासिक मेले में उमड़ती हजारों की भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रशासन के दावों के विपरीत धरातल पर पुलिस बल की कमी और असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौसलों ने मेले की साख पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

महिला बाजार बना अखाड़ा नदारद दिखी पुलिस

मेले का सबसे संवेदनशील हिस्सा महिला मार्केट इन दिनों शोहदों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। मेले की आंतरिक रिपोर्ट के अनुसार यहाँ के हर चौराहे पर लडक़ों के झुंड बेरोकटोक खड़े देखे जा सकते हैं जो आने-जाने वाली महिलाओं और युवतियों पर फब्तियां कसते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जहाँ महिलाओं की सबसे ज्यादा भीड़ जुटती है वहां से पुलिस बल पूरी तरह गायब है। स्थानीय दुकानदारों और दर्शकों का कहना है कि सुरक्षा के नाम पर यहाँ खानापूर्ति की जा रही है।

आंकड़ों और दावों का विरोधाभास

मेला प्रबंधन और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार लगभग 35 पुलिसकर्मी यहाँ तैनात हैं। शाम 4 से रात 10 बजे तक करीब 25000 लोग एकत्रित होते है। उपनिरीक्षक दीपक सिंह भदोरिया के नेतृत्व में दो बार गश्त करने का दावा कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर मेले में हो रहे वाद-विवाद और मारपीट के वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं। यह वीडियो पुलिस के उन दावों की पोल खोल रहे हैं जिनमें कहा जा रहा है कि स्थिति नियंत्रण में है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

अंदरूनी जानकारी के अनुसार मेले में छोटी-मोटी मारपीट और झड़पें अब आम हो गई हैं। बाहरी क्षेत्रों से आए उपद्रवी तत्व मेले की शांति भंग कर रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण लोग अब परिवार के साथ मेले में आने से कतराने लगे हैं। मेले में 25 हजार लोगों की सुरक्षा का जिम्मा महज 35 पुलिसकर्मियों पर छोडऩा प्रशासन की बड़ी लापरवाही दर्शाता है। यदि समय रहते पुलिस की मौजूदगी नहीं बढ़ाई गई और असामाजिक तत्वों पर नकेल नहीं कसी गई तो यह ऐतिहासिक मेला किसी बड़ी अप्रिय घटना का गवाह बन सकता है।

मुख्य बिंदु जो चिंता का विषय

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मारपीट के वीडियो

महिला मार्केट में पुलिस सहायता केंद्र का सक्रिय न होना

हजारों की भीड़ के अनुपात में पुलिस बल की भारी कमी

इनका कहना है

सामान्य मारपीट की घटनाओं की पुलिस के पास कोई शिकायत नहीं आई है। मेला में पूरी सख्ती से कानून व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

दीपक सिंह भदोरिया, उप निरीक्षक व मेला सुरक्षा प्रभारी

Created On :   1 April 2026 3:26 PM IST

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