Panna News: धान तुलाई के पांच माह बाद भी भुगतान नहीं, किसान दर-दर को भटकने को मजबूर

धान तुलाई के पांच माह बाद भी भुगतान नहीं, किसान दर-दर को भटकने को मजबूर
रैपुरा तहसील क्षेत्र के किसानों को धान बेचने के पांच माह बाद भी उनकी उपज का भुगतान नहीं मिल सका है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान अपने ही पैसों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही।

Panna News: रैपुरा तहसील क्षेत्र के किसानों को धान बेचने के पांच माह बाद भी उनकी उपज का भुगतान नहीं मिल सका है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान अपने ही पैसों के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं लेकिन उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही। सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। रैपुरा के कूंडा गांव की निवासी छविरानी ने बताया कि उन्होंने 19 जनवरी 2026 को प्राथमिक साख सहकारी समिति बगरोड़ के मनगवां स्थित खरीदी केंद्र पर 36.4 क्विंटल धान बेची थी। इसकी कुल राशि लगभग 86 हजार रुपए बनती है जो आज तक उनके खाते में नहीं पहुंची। छविरानी के बेटे देवी सिंह के अनुसार कई बार खरीदी केंद्र प्रभारी और सहकारी बैंक प्रबंधक से संपर्क करने के बावजूद सिर्फ आश्वासन ही मिला।

परेशान होकर उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत क्रमांक 37193659 दर्ज कराई लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। इसी गांव के किसान गया प्रसाद ने भी 19 जनवरी को 26 क्विंटल धान बेची थी जिसकी कुल राशि करीब 61 हजार रुपए थी। इसमें से केवल 30 हजार रुपए ही खाते में आए जो सहकारी बैंक के ऋण में समायोजित हो गए। शेष 30 हजार रुपए के लिए वह लगातार प्रयास कर रहे हैं लेकिन भुगतान अब तक लंबित है। उन्होंने भी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है। वहीं मूलपारा ग्राम पंचायत के किसान परमलाल लोधी ने 19 दिसंबर 2025 को रैपुरा मंडी स्थित सहकारी समिति में 60 क्विंटल धान बेची थी। उन्हें भी पांच क्विंटल धान का भुगतान अब तक नहीं मिला है। संबंधित पोर्टल पर आज भी स्वीकृति मात्रा को लंबित् दर्शाया जा रहा है। भुगतान में लगातार हो रही देरी से किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि समय पर भुगतान नहीं मिलने से उन्हें रोजमर्रा के खर्च, खेती के अगले सीजन की तैयारी और कर्ज चुकाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन से किसानों की मांग है कि लंबित भुगतान शीघ्र जारी कर उन्हें राहत दी जाए ताकि वह आर्थिक संकट से उबर सकें।

इनका कहना है

मैं जांच कर दिखवाता हूं।

नरेन्द्र धुर्वे, प्रभारी जिला खाद्य अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर पन्ना

Created On :   27 April 2026 3:43 PM IST

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