Panna News: सड़क के लिए सालों से तरस रहा रानीपुरा, बरसात में गांव तक पहुंचना बना बड़ी चुनौती

सड़क के लिए सालों से तरस रहा रानीपुरा, बरसात में गांव तक पहुंचना बना बड़ी चुनौती
ग्राम पंचायत मोहन्द्रा अंतर्गत आने वाला रानीपुरा गांव आज भी पक्के पहुंच मार्ग से वंचित है। मुख्य सडक़ से लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर बसे इस गांव के ग्रामीण वर्षों से सडक़ निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी यह बुनियादी आवश्यकता अब तक पूरी नहीं हो सकी है।

Panna News: ग्राम पंचायत मोहन्द्रा अंतर्गत आने वाला रानीपुरा गांव आज भी पक्के पहुंच मार्ग से वंचित है। मुख्य सडक़ से लगभग डेढ़ किलोमीटर अंदर बसे इस गांव के ग्रामीण वर्षों से सडक़ निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी यह बुनियादी आवश्यकता अब तक पूरी नहीं हो सकी है। हर वर्ष बरसात के मौसम में गांव का संपर्क मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

बरसात में कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर ग्रामीण

बरसात के दिनों में रानीपुरा तक पहुंचने वाला कच्चा मार्ग पूरी तरह कीचड़ से भर जाता है। कई स्थानों पर घुटनों तक कीचड़ होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में स्कूली छात्र-छात्राओं, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक दिक्कत उठानी पड़ती है। गांव तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं रहता।

एम्बुलेंस और स्कूल वाहन भी गांव आने से कतराते

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान निजी स्कूलों के वाहन और अस्पताल की एम्बुलेंस भी गांव के अंदर आने से बचती हैं। यदि रात के समय किसी की तबीयत अचानक बिगड़ जाए तो मरीज को मुख्य सडक़ तक पहुंचाना परिजनों के लिए बड़ी परीक्षा बन जाता है। कई बार लोगों को मरीजों को गोद या चारपाई पर उठाकर कीचड़ भरे रास्ते से बाहर लाना पड़ता है।

प्रदर्शन हुए खबरें बनीं, लेकिन नहीं बदली तस्वीर

रानीपुरा के ग्रामीण वर्षों से सडक़ निर्माण की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के सामने गुहार लगा रहे हैं। स्थानीय युवाओं ने सडक़ निर्माण की मांग को लेकर कई बार अनूठे प्रदर्शन भी किए जिनकी खबरें मीडिया की सुर्खियां बनीं। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

हर चुनाव में मिलता है आश्वासन, बाद में भूल जाते हैं जनप्रतिनिधि

ग्रामीणों का आरोप है कि हर चुनाव के दौरान नेता गांव में पहुंचकर सडक़ बनवाने का वादा करते हैं लेकिन चुनाव समाप्त होते ही सभी वादे भुला दिए जाते हैं। वर्षों से यही स्थिति बनी हुई है और गांव आज भी मूलभूत सुविधा से वंचित है।

मुरम डालने का आश्वासन भी निकला खोखला

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने ग्राम पंचायत से अत्यधिक कीचड़ वाले हिस्से में मुरम डलवाने की मांग की थी। पंचायत के जिम्मेदारों ने मौके का निरीक्षण कर जल्द कार्य कराने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक न तो मुरम डाली गई और न ही सडक़ निर्माण की दिशा में कोई पहल हुई।

इनका कहना है

वर्तमान सरपंच ने अपने कार्यकाल में कोई काम नही कराया हमारे तीन गांवों के साथ स्थानीय पंचायत हमेशा पक्षपात करती है। हम लोग इस चुनाव में तीन गांवों से एक प्रत्याशी खड़ा करके मोहन्द्रा के सभी प्रत्याशियों का बहिष्कार करेगें।

रविन्द्र पटेल

निवासी रानीपुरा

विकास कार्याे पर खर्च की जाने वाली ज्यादातर राशि मोहन्द्रा तक सीमित है दो हजार लोगों की आबादी को हांशिए पर धकेलकर मोहन्द्रा की तरक्की संभव नही।

पुखराज यादव स्थानीय निवासी

हमारा जीवन निकल गया लेकिन हमनें अपने गांव में सडक़ नही देखी

करोड़ी पटेल स्थानीय निवासी

यहां के ज्यादातर लोग खेती किसानी और दूध के व्यवसाय से जुड़े है सडक़ न होने के कारण परिवहन में खासी दिक्कत होती है।

रामकिशोर यादव स्थानीय निवासी

Created On :   2 July 2026 2:58 PM IST

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