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Education: लखनऊ यूनिवर्सिटी शुरू करेगा 'एजुकेशन फॉर हैप्पीनेस' कोर्स

Education: लखनऊ यूनिवर्सिटी शुरू करेगा 'एजुकेशन फॉर हैप्पीनेस' कोर्स

हाईलाइट

  • स्टूडेंट्स को तनाव से दूर रखने के लिए लखनऊ यूनिवर्सिटी की पहल
  • नए सेशन से शुरू होगा 'एजुकेशन फॉर हैप्पीनेस' कोर्स

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। स्कूल के बाद कॉलेज में पहुंचते ही स्टूडेंट्स पढ़ाई के साथ-साथ करियर को लेकर काफी चिंतित होने लगते हैं। ऐसे में स्टूडेंट्स को तनाव से दूर कर उन्हें खुश रखने के लिए लखनऊ यूनिवर्सिटी ने एक नई पहल की है। दिल्ली के स्कूलों में चलाई जा रही हैप्पीनेस क्लासेस की तर्ज पर लखनऊ यूनिवर्सिटी ने 'एजुकेशन फॉर हैप्पीनेस' नाम का एक नया कोर्स शुरू करने का फैसला किया है। यह कोर्स इसी साल नए सेशन से शुरू किया जाएगा।

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यह कोर्स एजुकेशन डिपार्टमेंट के एमएड के तहत शुरू हो रहा है। इसके जरिए स्टूडेंट्स को हर स्थिति में मुस्कुराने और खुश रहने की कला सिखाई जाएगी। लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता दुर्गेश कुमार ने बताया, नए सेशन से इस कोर्स की शुरुआत की जाएगी।

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लखनऊ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर अमिता बाजपेयी ने कहा, आजकल बच्चे गलत स्थानों पर खुशी की तलाश कर रहे हैं। जबकि, खुशी भीतर से आती है, लेकिन वे भौतिक दुनिया में इसकी तलाश करते हैं। उन्होंने कहा, इस कोर्स के माध्यम से हम छात्रों को खुशी की वास्तविक अवधारणा के बारे में बताना चाहते हैं। प्रोफेसर बाजपेयी ने बताया, यह कोर्स अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन छात्रों में लोकप्रियता हासिल करना शुरू कर दिया है।

प्रोफेसर अमिता ने कहा, हम मानते हैं कि एक शिक्षित व्यक्ति का जीवन एक अशिक्षित आदमी से बेहतर होना चाहिए, लेकिन वास्तविकता कुछ और ही है। बाजपेयी ने कहा, व्यक्ति जितना अधिक शिक्षित होता है, उतना ही वह प्रतिस्पर्धा पर केंद्रित होता है। इसके साथ ही उसकी चिंताएं भी बढ़ती हैं। प्रोफेसर का मानना है, इस पाठ्यक्रम का अध्ययन करने के बाद छात्रों में बदलाव देखा जाएगा।

2018 से दिल्ली के स्कूलों में चलाए जा रहे हैप्पीनेस क्लास
गौरतलब है कि, राजधानी दिल्ली के स्कूलों में 2018 से हैप्पीनेस कोर्स चलाया जा रहा है। नर्सरी से लेकर 8वीं क्लास तक हैप्पीनेस कोर्स पढ़ाया जाता है। कोर्स को ऐसा तैयार भी किया गया है, जिससे छोटे बच्चों से लेकर किशोरों के व्यक्तित्व को ऐसा बनाया जाए कि वो तनाव को दूर रख सकें और हर परिस्थिति में खुश रहें।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।