US Visa Bond Rule: अमेरिका ने 50 देशों को वीजा बॉन्ड पॉलिसी में किया शामिल, क्या भारत और पाकिस्तान के नागरिकों पर पड़ेगा असर?

डिजिटल डेस्क, वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच अमेरिका ने बड़ा एक्शन लिया है। उसमे 50 देशों के लिए वीजा बॉन्ड अनिवार्य कर दिया है, जो 2 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने बताया कि नागरिकों को बी1 (बिजनेस) और बी2 (टूरिस्ट) वीजा अप्लाई करने से पहले 15,000 डॉलर के बॉन्ड भरने होंगे। यह जमा सिक्योरिटी उन बॉन्ड वीजा धारकों को वापस लौटा दी जाएंगी। जो वीजा शर्तों का पालन करेंगे और तय समय से अमेरिका छोड़ देंगे।
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अमेरिकी सरकार क्यों ला रही यह कानून?
अमेरिकी प्रशासन ने इस कदम का मुख्य उद्धेश्य अवैध रूप से वीजा की शर्तों के उल्लंघन करने वालों में कमी आएगी। क्योंकि ऐसे कई लोग होते है, जो वीजा के तय की कई अवधि के बाद भी देश में रहते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत अभी तक एक हजार विदेशियों के वीजा जारी कर दिए गए हैं। इनमें 97 प्रतिशत नागरिक समय पर अमेरिका छोड़ रहे हैं। उन्होंने आगे पिछली सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के तहत आने वाले 50 देशों के 44 हजार से ज्यादा नागरिक वीजा अवधि से ज्यादा समय तक देश में ठहरे हुए थे।
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इन देशों ने नाम जुड़े
अधिकारियों ने बताया कि जो नागरिक इन नियमों का उल्लंघन नहीं करेंगे, उनकी जमा फीस लौटा दी जाएगी। इसी के साथ अमेरिका ने इन पॉलिसी में 12 नए देशों ने नाम जोड़ दिए गए हैं, जिनमें कंबोडिया, इथियोपिया, जॉर्जिया, ग्रेनेडा, लेसोथो, मॉरीशस, मंगोलिया, मोजाम्बिक, निकारागुआ, पापुआ न्यू गिनी, सेशेल्स और ट्यूनीशिया शामिल है। इससे पहले इसके तहत 38 देश पहले आते हैं। जिनमें अल्जीरिया, अंगोला, बांग्लादेश, भूटान, नेपाल, नाइजीरिया, सेनेगल, तंजानिया, युगांडा, जाम्बिया, जिम्बाब्वे समेत अन्य शामिल है। बताया जा रहा है कि इस सूची में भारत और पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है।
Created On :   19 March 2026 11:45 PM IST













