पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट का फैसला: इमरान खान को दी बड़ी राहत, जेल से दो दिन में अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश, परिवार से हर हफ्ते कर सकेंगे मुलाकात

इमरान खान को दी बड़ी राहत, जेल से दो दिन में अस्पताल शिफ्ट करने का आदेश, परिवार से हर हफ्ते कर सकेंगे मुलाकात
लंबे समय पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री को राहत मिली है। वहां की सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जेल में बंद इमारान खान को मेडिलक जांच के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट करना है।

डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। लंबे समय पर पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री को राहत मिली है। वहां की सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जेल में बंद इमारान खान को मेडिलक जांच के लिए इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट करना है। इसके साथ ही अदालत ने जेल में उनके परिवार के सदस्यों को सप्ताह में मुलाकात करने के निर्देश भी दिए हैं।

तीन जजों की बेंच ने सुनाया फैसला

पाकिस्तान के पूर्व पीएम के स्वास्थ्य और अस्पताल को लेकर एक याचिका दायर की गई थी, जिस पर कोर्ट ने मंगलवार को फैसला दिया है। इस मामले की सुनवाई जस्टिस शाहिद वाहिद की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने की है। अदालत ने विस्तार से सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को पूर्व पीएम के मेडिलक हेल्थ चेकअप के लिए ये निर्देश जारी किए हैं। ये निर्देश बेंच के सदस्य जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम की सहमति से कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।

कोर्ट ने आदेश में क्या कहा?

पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इमारान खान को कुछ ही दिनों के भीतर इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पातल में मेडिकल जांच के लिए ले जाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा यह स्पष्ट भी किया कि उन्हें उनके परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए हर हफ्ते मुलाकात करने के लिए व्यवस्था अनिवार्य करे।

जेल प्रशासन ने कोर्ट को क्या बताया?

वहीं, रावलपिंडी की अदियाला जेल के अधिकारियों ने सोमवार को पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि इमारान खान के आंखों की रोशनी अब लगभग सामान्य हो गई है। उन्होंने कहा कि अब उनकी आंखों की स्थिति पहले से बेहतर है। बता दें कि तोशाखाना मामले में इमरान खान को 5 अगस्त, 2023 को गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह जेल में बंद है। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री पद पर रहते हुए विदेशी मेहमानों से मिले मंहगे उपहारों को छिपाने के लिए सस्ते दामों में खरीदे थे। इसके बाद उन्हें ऊंचे दामों पर बेच दिए गए थे।

Created On :   18 Aug 2026 4:26 PM IST

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