यूनुस ने राष्ट्र को किया संबोधित: 'राष्ट्रीय हितों और विदेश नीति में देश की गरिमा को...' अंतरिम सरकार के मुखिया ने तारिक रहमान को दी सलाह

डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश में आज (मंगलवार) नई सरकार बनने जा रही है। इसके एक दिन पहले सोमवार को अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने विदाई भाषण में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को 'सेवन सिस्टर्स' कहकर पुकारा है और इन्हें बांग्लादेश को कनेक्टिविटी का हब बताया है। उन्होंने क्षेत्रीय आर्थिक मौकों पर जोर डालते हुए कहा कि बांग्लादेश को नोपाल, भूटान और भारत के सेवन सिस्टर्स के लिए कनेक्टिविटी का केंद्र कहा है।
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शेख हसीना के तख्तापलट का किया जिक्र
अंतरिम सरकार के मुखिया ने अपने विदाई संबोधन में कहा, "आज अंतरिम सरकार पद छोड़ रही है, लेकिन लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की आजादी और मौलिक अधिकारों की जो प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, उसे खत्म न किया जाए।" साथ ही उन्होंने शेख हसीना के तख्तापलट का जिक्र किया और कहा, "वह मुक्ति का दिन था। दुनिया भर में बांग्लादेशी खुशी से आंसू बहा रहे थे। हमारे देश को युवाओं ने एक राक्षस के चंगुल से आजाद कराया। इस चुनाव ने भविष्य के चुनावों के लिए एक मिसाल कायम कर दी है।"
तारिक रहमान से कही ये बात
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, मोहम्मद यूनुस ने देश की समुद्री पहुंच एक रणनीतिक संपत्ति बताई है। उन्होंने आगे कहा, "हमारा खुला समुद्र केवल एक भौगोलिक सीमा नहीं है, बल्कि यह ग्लोबल इकोनॉमी का प्रवेश द्वार है। आर्थिक क्षेत्र, व्यापार समझौते, ड्यूटी फ्री मार्केट तक पहुंच इस क्षेत्र को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में उभरने की नींव रख रहे हैं। हमने अपने बंदरगाहों की क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने के लिए सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह प्रबंधन कंपनियों के साथ समझौते करने में काफी उन्नति की है। यदि हम इसकी क्षमता नहीं बढ़ा पाते हैं तो हम आर्थिक उपलब्धियों में पिछड़ जाएंगे।"
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विदेश नीति पर क्या बोले?
मोहम्मद यूनुस ने अपने देश की विदेश नीति को लेकर कहा कि यह बांग्लादेश की संप्रभुता, राष्ट्रीय हितों और विदेश नीति में देश की गरिमा को मजबूती प्रदान करती है। अब हमारा देश अन्य देशों के निर्देशों और सलाह पर निर्भर नहीं है। वर्तमान का बांग्लादेश अपने स्वतंत्र हितों की रक्षा करने में आत्मविश्वासी, सक्रिय और जिम्मेदार बन गया है। उन्होंने आगे कहा कि हमारा देश पारस्परिक सम्मान और हितों के आधार पर दुनिया के देशों के साथ रिश्ते बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अर्थव्यवस्था पर किया गंभीर खतरा पैदा
यूनुस का कहना है कि हमारा देश खुद इतना सक्षम बन गया है कि वह रणनीतिक निर्णय बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा, "रोहिंग्या संकट ने राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और अर्थव्यवस्था पर गंभीर खतरा पैदा किया है। दुर्भाग्यवश, लंबे समय तक इस संकट को हल करने के लिए कोई प्रभावी और अंतरराष्ट्रीय पहल दिखाई नहीं दी। पदभार ग्रहण करने के बाद से हम इस मुद्दे को दुनिया की नजर में लाए। इस संकट की गंभीरता को समझते हुए संयुक्त राष्ट्र बांग्लादेश के साथ खड़ा रहा है।"
Created On :   17 Feb 2026 1:02 AM IST













