Ram Madhav News: कोलंबो में भारत-पाकिस्तान के बीच ट्रैक 2 डिप्लोमेसी पर आया राम माधव का रिएक्शन, रिपोर्ट में दावे को बताया गलत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बीजेपी के दिग्गज नेता राम माधव ने शनिवार को उनके कोलंबो में एक क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन में शामिल होने को भारत-पाकिस्तान के बीच ट्रैक 2 डिप्लोमेसी का हिस्सा बताया है। उन्होंने रिपोर्ट में किए गए दावे को बेबुनियाद की बात कही है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडलों जिनमें राजनेता, रिटायर्ड सैन्य अधिकारी और राजनयिक शामिल थे। उन्होंने कोलंबो में लंदन स्थित 'इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज' (IIIS) द्वारा आयोजित क्षेत्रीय सुरक्षा सम्मेलन के दौरान ट्रैक 2 चर्चा में हिस्सा था।
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राम मधाव ने रिपोर्ट में दावे को किया खारिज
रिपोर्ट में बताया गया कि इस चर्चा में भारत से राम माधव, सेना के पूर्व प्रमुख जनरल एमएम नरवणे और पूर्व भारतीय राजनयिक रुचि घनश्याम शामिल हुए। रिपोर्ट में बताया गया कि पाकिस्तानी प्रतिनिधियों में पूर्व राजनयिक सज्जाद हैदर खान, पूर्व मंत्री शेरी रहमान और रिटायर्ड मेजर जनरल इसफंदियार अली खान पटौदी शामिल थे।
सोशल मीडिया एक्स पर एक यूजर ने रिपोर्ट शेयर करते हुए दावा किया कि आरएसएस के राम माधव के पूर्व प्रमुख नरवणे, कोलंबो में पाकिस्तान के साथ हुई ट्रैक-2 मीटिंग में शामिल थे। इसे एक ब्रिटिश थिंक टैंक ने आयोजित किया था। पोस्ट में उन्होंने यह भी बताया कि दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिकी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एस पॉल कपूर भी कार्यक्रम का हिस्सा थे।
यूजर के पोस्ट के जवाब में राम माधव ने कहा कि यह कार्यक्रम IISS का सालना 'दक्षिण एशिया संवाद' था, न कि भारत और पाकिस्तान के बीच कोई ट्रैक-2 मीटिंग। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से गलत है। यह कोई ट्रैक-2 बातचीत नहीं थी। यह IISS का सालाना 'साउथ एशिया डायलॉग' था। इसमें भारत, श्रीलंका, अमेरिका, ब्रिटेन, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के विद्धान शामिल हुए थे। इससे पहले भी अधिकारी इस सालाना बातचीत में शामिल होते रहते हैं। इतने सारे देशों के साथ कोई 'ट्रैक-2' बातचीत नहीं होती है।
भारत-पाक को लेकर साफ किया रुख
उन्होंने यह भी साफ किया कि वह दो दिन तक चली पूरी कॉन्फ्रेंस में शामिल नहीं हुए थे और उन्हें सिर्फ एक सेशन को संबोधित करने के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा, "मैं दो दिन की बातचीत में शामिल नहीं हुआ। मुझे एक सेशन में बोलने के लिए बुलाया गया था, मैंने बोला और चला आया। एक ऐसी बात को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है जिसका कोई मतलब ही नहीं है।"
रिपोर्ट के अनुसार, हिल्टन कोलंबो में हुई कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने करीब डेढ़ घंटे तक अलग-अलग बातचीत की। रिपोर्ट में चर्चा को बैक-चैनल बातचीत की कड़ी में एक और कदम बताया है। इसमें कहा गया है कि बातचीत में आतंकवाद, सीमा पार बहने वाली नदियों के पानी के बंटवारे, संकट के समय बातचीत को बेहतर बनाने और तनाव बढ़ने से रोकने के संभावित उपायों पर चर्चा हुई। रिपोर्ट में कोलंबो में हुई बैठक से कोई खास नतीजा ना निकलने का भी जिक्र किया गया।
Created On :   27 Jun 2026 8:19 PM IST












