कौन हैं उज्जवल निकम?: लड़ेंगे केतन अग्रवाल मर्डर केस, 26/11 केस में निभाई थी अहम भूमिका, जानें कितनी लेते हैं एक सुनवाई की फीस

लड़ेंगे केतन अग्रवाल मर्डर केस, 26/11 केस में निभाई थी अहम भूमिका, जानें कितनी लेते हैं एक सुनवाई की फीस
दिग्गज वकील और बीजेपी से राज्यसभा सांसद उज्जवल निकम पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस लड़ने जा रहे हैं। उज्जवल निकम भारत के कई हाई प्रोफाइल क्रिमिनिल केस में सरकारी पक्ष की ओर से केस लड़ने के लिए जाने जाते हैं।

डिजिल डेस्क, नई दिल्ली। दिग्गज वकील और बीजेपी से राज्यसभा सांसद उज्जवल निकम पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस लड़ने जा रहे हैं। उज्जवल निकम भारत के कई हाई प्रोफाइल क्रिमिनिल केस में सरकारी पक्ष की ओर से केस लड़ने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अजमल कसाब के खिलाफ 26/11 मुंबई आतंकी हमले का केस लड़ा था। अब केतन अग्रवाल मर्डर केस में उनकी नियुक्ति जांच में बड़ा मोड़ लेकर आई है। दरअसल, इस केस के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कितनी है उज्जवल निकम की फीस?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर पेशी के लिए उज्जवल निकम करीब 40,000₹ फीस चार्ज करते हैं। कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त होने पर उज्जवल निकम को कोर्ट में प्रभावी ढंग से पेश होने के लिए 40,000₹ दिए जाते हैं। इस रकम में प्रोफेशनल कंसल्टेशन फीस और केस से जुड़े दूसरे खर्च भी शामिल होते हैं। एक वरिष्ठ पब्लिक प्रॉसिक्यूटर होने के नाते उज्जवल निकम ने बीते कई दशकों में कई बड़े और संवेदनशील क्रिमिनल केस में सरकार का पक्ष रखा है।

आतंकवादियों और संगठित क्रिमिनल केस में मुकदमा चलाने में अपनी भूमिका की वजह से उज्जवल निकम को कई सालों से सरकार की ओर से Z प्लस सुरक्षा दी जा रही है। उनके काम से जुड़े संभावित जोखिम को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा का पूरा खर्चा सरकार उठाती है।

क्या है केतन अग्रवाल मर्डर केस?

यह पूरा मामला 22 वर्षीय केतन अग्रवाल के मर्डर केस से जुड़ा है। 18 जून को पूणे जिले के लोहागढ़ किले के पास एक खाई में गिरने से केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे हादसा माना जा रहा था। लेकिन जांच पड़ताल में प्लैंड मर्डर का एंगल सामने आया। इसके बाद पुलिस ने केतन की मंगेतर और उसके कथित साथी को गिरफ्तार किया था। जांचकर्ताओं का दावा है कि दोनों ने केतन को किले में बुलाया। इसके बाद उसे खाई में धकेलने की साजिश रची गई।

बता दें, उज्जवल निकम ने भारत में कई बड़े क्रिमिनल केस में सरकारी पक्ष को रखा है। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमले के केस में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर भी काम किया है। इस केस में अजमल कसाब को दोषी ठहराया गया और बाद में उसे मौत की सजा सुनाई गई। कसाब के मुकदमे के अलावा निकम ने 1993 के मुंबई सीरियल बम धमाका के मामले, गुलशन कुमार मर्डर केस और कई दूसरे बड़े आतंकवाद और संगठित अपराध के मुकदमों में सरकारी पक्ष का प्रतिनिधित्व किया है।

Created On :   27 Jun 2026 6:46 PM IST

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