comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

होली के बाद घोषित हो सकती है BJP की नई राष्ट्रीय टीम, नए चेहरों को मिलेगी जगह!

होली के बाद घोषित हो सकती है BJP की नई राष्ट्रीय टीम, नए चेहरों को मिलेगी जगह!

हाईलाइट

  • जेपी नड्डा होली के बाद घोषित कर सकते हैं भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा होली के बाद कर सकते हैं। यह जानकारी हाल ही में पार्टी सूत्रों से मिली है। अमित शाह की पुरानी टीम से नड्डा की नई टीम कितनी अलग होगी, किन नए चेहरों को इसमें मौका मिलेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। वैसे तो फरवरी के आखिरी सप्ताह में ही नई टीम के गठन की संभावना थी। लेकिन नड्डा के अपने बेटे की शादी समारोह व कुछ अन्य व्यस्तताओं के चलते नई टीम का गठन नहीं हो सका। पार्टी सूत्रों का कहना है कि,10 मार्च को होली बीतने के बाद नड्डा राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर सकते हैं।

नए चेहरों को राष्ट्रीय टीम में मौका दे सकते हैं नड्डा
जेपी नड्डा 20 जनवरी 2020 को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे। अमूमन हर राष्ट्रीय अध्यक्ष संगठन के संचालन में अपनी सुविधा के लिए नई राष्ट्रीय टीम बनाता है। इस फेरबदल के क्रम में जहां राष्ट्रीय टीम में पहले से मौजूद कुछ सदस्यों की जिम्मेदारियां बदलतीं हैं, वहीं कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया जाता है। आने वाले समय में बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत सात से नौ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में बताया जा रहा है कि नड्डा एक रणनीति के तहत इन राज्यों के कुछ नए चेहरों को राष्ट्रीय टीम में मौका दे सकते हैं।

YesBank: फाउंडर राणा कपूर के घर ED का छापा, मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज

सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के कोटे से राष्ट्रीय टीम में तीन पद पहले से ही खाली हैं। मार्च 2017 में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री बनने से पहले तक श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ सिंह, पूर्व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा थे। इस प्रकार श्रीकांत शर्मा और सिद्धार्थनाथ के स्थान पर यूपी से दो चेहरों को जगह मिलना तय माना जा रहा।

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस से कहा, अब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम की घोषणा हो जानी चाहिए थी। मगर कुछ कारणों से ऐसा नहीं हो सका है। लिहाजा अब मार्च में नई राष्ट्रीय टीम घोषित हो जाने की संभावना है। हो सकता है कि होली बीतने के कुछ ही दिनों में नई टीम के सदस्यों की सूची जारी हो जाए।

कोरोनावायरस: PM की सलाह- अफवाहों से बचें, हाथ मिलाने की बजाय करें नमस्ते

कमेंट करें
Qa2vq
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।