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SC का निर्देश: लॉकडाउन के दौरान 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' लागू करने पर विचार करे केंद्र

SC का निर्देश: लॉकडाउन के दौरान 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' लागू करने पर विचार करे केंद्र

हाईलाइट

  • केंद्र एक देश, एक राशन कार्ड योजना लागू करने पर करे विचार
  • लॉकडाउन के बीच गरीबों को कम कीमतों पर मिल सके अनाज

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोरोना के कहर पर विराम लगाने के मद्देनजर देश में 3 मई तक लॉकडाउन जारी है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' योजना को लागू करने पर विचार करने के लिए कहा है। इस योजना से लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों, गरीबों और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को सब्सिडी वाला राशन कार्ड मिल सके और वे संकट की इस घड़ी में कम कीमतों पर राशन पा सकें।

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मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा है कि, वह राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बीच आर्थिक रूप से कमजोर तबकों तक अनुदान दरों पर खाद्यान्न पहुंचाने के लिए एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना को लागू करने की व्यवहार्यता पर विचार करे। केंद्र द्वारा जून में यह योजना शुरू किया जाना प्रस्तावित है।

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न्यायमूर्ति एन.वी.रमण की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, हम केंद्र को निर्देश देते हैं कि, वह इस पर विचार करे कि क्या उसके लिए संभव है कि वह इस वक्त इस योजना को लागू कर सकता है या नहीं और वह मौजूदा हालात को ध्यान में रखते हुए इस बारे में उचित निर्णय ले। पीठ में न्यायमूर्ति एस.के.कौल व न्यायमूर्ति बीआर.गवई शामिल थे।

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इस निर्देश के साथ कोर्ट ने वकील रीपक कंसल की याचिका का निस्तारण कर दिया जिसमें कोर्ट से इस योजना को जल्द शुरू करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था। इसमें कहा गया था कि यह योजना अभी शुरू होने से उन प्रवासी श्रमिकों और अन्य लोगों को लाभ होगा जो इस समय जगह-जगह फंसे हुए हैं।

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याचिका में यह भी आग्रह भी किया गया था कि संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिया जाए कि वे सुनिश्चित करें कि किराए के घरों में या ट्रांजिट कैंप में रह रहे प्रवासी श्रमिकों को किसी पहचान पत्र के न होने के कारण भूखा नहीं रहने दिया जाए।

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