इंदौर में आग का तांडव!: EV कार में शॉर्ट सर्किट... तीन मंजिला बिल्डिंग में लगी भयानक आग... एक-एक करके फटे गैस सिलेंडर, एक ही परिवार के 8 सदस्यों की मौत

डिजिटल डेस्क, भोपाल। इंदौर में बुधवार तड़के आग का तांडव देखने को मिला। देखते ही देखते आग की चपेट में तीन मंजिला बिल्डिंग भी आ गई। इससे पूरा देश झकझोर हो गया है। यह घटना शहर के बंगाली चौराहे के पास स्थित ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी की बताई गई है। जहां पर घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार (TATA Punch) में चार्ज के दौरान शॉर्ट सर्किट की वजह से यह घटना हुई है। इस घटना में एक ही परिवार के 8 सदस्यों की जान चली गई। जिनका शाम तक अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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घटना की शुरुआती जांच
अग्निशमन विभाग और पुलिस ने बताया कि घटना सुबह करीब 4 बजे हुई है। कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हुआ और इसके बाद एक जोरदार ब्लास्ट हुई, इस दौरान कार में आग लग गई।
आग इतनी तेजी से फैली की देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति तब और भयावह हो गई थी, जब घर के भीतर रखे गैस सिलेंडर एक-एक करके फटने लगए। धमाके इतने तेज थे कि घर में लगे एसी और फ्रिज के कंप्रेसर भी ब्लास्ट हो गए।
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घटना पर अधिकारी क्या बोले?
दमकल विभाग के ASI सुशील कुमार दुबे ने इस घटना को लेकर बताया कि घटनास्थल से 5 एलपीजी सिलेंडर सुरक्षित बाहर निकाले गए, जबकि धमाकों के संकेतों से पता चलता है कि घर के भीतर करीब 10-11 सिलेंडर मौजूद थे। उन्होंने आगे बताया कि बचाव कार्य में सबसे बड़ी बाधा घर के दरवाजों में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक बने। वहीं, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने कहा कि बिजली काट जाने के बाद ये लॉक जाम हो गए थे। इस वजह से अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर नहीं निकाल सके। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को दरवाजे तोड़कर भीतर घुसने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
हादसे में किन लोगों की गई जान
सोसायटी अध्यक्ष मनोज शर्मा ने बताया कि घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बिहार के किशनगंज से कई रिश्तेदार आए हुए थे। इस वजह से जनहानि बढ़ गई है। मृतकों की पहचान मनोज पुगलिया (65), विजय सेठिया (65), सुमन सेठिया (60), टीनू (35), सिमरन (30) - (गर्भवती बहू), छोटू सेठिया (22), राशि सेठिया (12), तन्मय (6) के नाम से हुई है।
जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय मनोज पुगलिया के तीन बेटे और उनकी पत्नी ने किसी तरह अपनी जान बचाकर घर से बाहर निकले, जबकि 3 अन्य लोगों ने ग्रिल तोड़कर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। वहीं, मृतकों का अंतिम संस्कार शहर के तिलकनगर मुक्तिधाम में किया गया। यहां पर एक साथ 7 चिताएं जलीं, जबकि बच्चे के शव को दफनाया गया।
Created On :   18 March 2026 11:41 PM IST













