Jabalpur Cruise Accident: गर्मी में डूबा क्रूज! पानी की सैर पर जाने से पहले जान लें किस वेदर में सेफ होती है क्रूजिंग?
डिजिटल डेस्क, भोपाल। क्रूज पर खुशियां मनाने आए पर्यटकों को क्या पात था कि उनका सफर मातम में बदल जाएगा। जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे ने कई मासूम लोगों की जान ले ली। अब भी कई लोग लापता हैं जिनकों खोजने का काम लगातार जारी है। दुर्घटना से जुड़ी कई विचलित कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। कहीं मां के सीने से लिपटे मासूम को देखकर आंखें नम हो गई हैं तो कहीं परिवार रोते-बिलखते नजर आ रहे हैं। यह हादसा लोगों के लिए एक बड़ा सबक है कि उन्हें मौसम देख कर ही क्रूज या नाव से सफर करना चाहिए। अगर आप भी क्रूज से यात्रा करने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले ये जान लीजिए कि सफर करने का सबसे ज्यादा सुरक्षित समय कौन सा है और जरूरी सेफ्टी टिप्स?
सुरक्षित रहने के लिए टिप्स
कब सफर करना खतरनाक?
जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर के महीने क्रूज या बोट से सफर करना सुरक्षित नहीं माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय बारिश का मौसम होता है। इस दौरान तेज बारिश और तूफान आ सकते हैं जिससे पानी में बड़ी-बड़ी लहरें उठती हैं। इन ऊंची लहरों की वजह से बोट हिलती रहती है और हादसा होने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार तेज हवा और खराब मौसम के कारण रास्ता भी साफ नहीं दिखता जिससे यात्रा और मुश्किल हो जाती है। इसलिए इन महीनों में बोट या क्रूज का सफर थोड़ा जोखिम भरा माना जाता है।
सफर करने का सही समय?
नवंबर, दिसंबार, जनवरी और फरवरी का समय क्रूज या बोट से सफर करने के लिए अच्छा माना जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस दौरान मौसम संतुलित रहता है। गर्मियों की तरह तेज धूप और उमस नहीं होती जिससे सफर थकाने वाला नहीं लगता। सबसे बड़ी बात ये कि मानसून की तरह बारिश और तेज हवाओं का खतरा भी कम होता है जिससे पानी शांत रहता है और यात्रा सुरक्षित रहती है। ठंडी हवा और साफ आसमान की वजह से नजारे भी बहुत खूबसूरत दिखते हैं और लोग आराम से डेक पर बैठकर सफर का मजा ले सकते हैं।
मौसम की जानकारी लें
क्रूज या बोट पर जाने से पहले मौसम की जानकारी ठीक तरह से लें। अगर आंधी-तूफान, बारिश या तेज हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है तो सफर टालना ही सबसे अच्छा ऑप्शन है। इससे बड़े हादसे का खतरा टल सकता है।
एमपी में दर्दनाक हादसा
मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित बरगी डैम (Bargi Dam) में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। पर्यटन विभाग का एक क्रूज तेज आंधी की वजह से अचानक डूब गया। बता दें, अब तक 9 लोगों के शव मिल चुके हैं, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। प्रशासन का कहना है कि अभी भी 15 से ज्यादा लोग लापता हैं। हादसे के समय क्रूज में करीब 40 लोग सवार थे।
कैसे हुई इतनी बड़ी दुर्घटना?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के वक्त जब क्रूज बीच पानी में था, तभी अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं और ऊंची लहरों के कारण क्रूज का संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते जहाज पानी में समाने लगा। चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद नाविक और प्रशासन की टीम हरकत में आई, लेकिन तूफान इतना तेज था कि बचाव कार्य में काफी बाधाएं आईं। राहत और बचाव कार्य की स्थिति प्रशासनिक अमला और गोताखोरों की टीम मौके पर मौजूद है।
Created On :   1 May 2026 2:48 PM IST












