तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: स्टालिन सरकार में सीएम समेत कई मंत्री हारे, कुछ सीट बचाने में सफल रहे, एक मंत्री एक वोट से हार गया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। 234 सीटों वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में डीएमके की स्टालिन सरकार को बड़ा झटका लगा है। 164 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाली डीएमके 59 सीटें ही जीतने में सक्सेस हो सकी। चुनाव के नतीजे चौंकाने रहे। अब डीएमके विधानसभा में विपक्ष में बैठेगी।
सीएम एम.के. स्टालिन समेत कई वरिष्ठ मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष चुनाव हार गए। स्टालिन सरकार में हारने वाले प्रमुख चेहरों की बात की जाए तो स्वास्थ्य मंत्री एम. सुब्रमण्यम सैदापेट ,स्कूली शिक्षा मंत्री अनबिल महेश पोय्यामोझी तिरुवेरुम्बुर से चुनाव हार गए। तिरुपत्तूर में कड़ा मुकाबला देखने को मिला, मंत्री पेरियाकरुप्पन टीवीके कैंडिडेंट से सिर्फ एक वोट से चुनाव हार गए,यहां चुनाव में करीबी मुकाबला देखने को मिला।
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मंत्री टी.आर.बी. राजा मन्नारगुडी से , मंत्री मूर्ति मदुरै पूर्व से, वित्त मंत्री पी.टी.आर. पलानीवेल त्यागराजन को मदुरै मध्य से अप्रत्याशित हार मिली, वरिष्ठ मंत्रियों की बात की जाए तो के.के.एस.एस.आर. रामचंद्रन अरुप्पुकोट्टई से और थंगम थेन्नारासु को अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में हार का मुंह देखना पड़ा।
वरिष्ठ नेता दुरई मुरुगन काटपाडी विधानसभा सीट से जबकि मंत्री मुथुसामी इरोड पश्चिम से चुनाव हार गए। मंत्री नासर (अवाडी विधानसभा सीट से), मतिवेंधन (रासीपुरम विधानसभा सीट से), आर. राजेंद्रन (सेलम उत्तर विधानसभा सीट से), गांधी (रानीपेट विधानसभा सीट से) और सामिनाथन (कांगेयम विधानसभा सीट से) अलंदूर में, टी.एम. अनबरसन से इलेक्शन हार गए। इसे स्पष्ट तौर पर कहा जा सकता है कि यह पूरे तमिलनाडु में डीएमके के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर थी।
कई मंत्री हारे तो कुछ जीते भी, यानि बड़ी हार के बाद कुछ मंत्री अपनी सीटें बचाने में सफल रहे। इनमें उदयनिधि स्टालिन चेपॉक से, मंत्री शेखरबाबू ने हार्बर से , के.एन. नेहरू ने तिरुचिरापल्ली पश्चिम से सीट बरकरार रखी, और आई. पेरियासामी ने अथूर में जबरदस्त जीत दर्ज की। चक्रपाणि ने ओडनछत्रम से आसानी से जीत हासिल की, जबकि ई.वी. वेलू ने तिरुवन्नामलाई सीट बहुत कम वोटों के अंतर से सीट बचाई। मंत्री एम.आर.के. पन्नीरसेल्वम, मैय्यनाथन, सी.वी. गणेशन और के. चेझियान भी जीतने वालों में शामिल थे, इनके अलावा तिरुचेंदुर से अनीता राधाकृष्णन और अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से रघुपति, शिवशंकर और राजकन्नप्पन ने जीत हासिल की।
डीएमके अपने कुछ ही मंत्रियों को जीत दिलाने में कामयाब रही, लेकिन उसके कई बड़े नेता चुनाव हार गए, ऐसे में डीएमके के सामने कई चुनौतियां हैं। चुनावी नतीजों को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि चुनाव में डीएमके,टीवीके और AIADMK के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। अभिनेता से नेता विजय के नेतृत्व में टीवीके की अच्छी जीत हुई। विजय की अगुवाई में टीवीके की मजबूत लहर के चलते सत्ताधारी पार्टी अपना दबदबा बनाए रखने में विफल रही।
Created On :   5 May 2026 7:06 PM IST













