अव्यवस्था: मेयो हास्पिटल में प्रसूति के बाद 4 महिलाओं की हालत बिगड़ी, इधर-उधर चलती रही भागदौड़

मेयो हास्पिटल में प्रसूति के बाद 4 महिलाओं की हालत बिगड़ी, इधर-उधर चलती रही भागदौड़
  • दो महिलाओं को आईसीयू में रखना पड़ा
  • अस्पताल में मचा हड़कंप
  • अचानक झटके आने लगे

डिजिटल डेस्क, नागपुर। इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय व अस्पताल (मेयो) में गुरुवार की रातभर भगदड़ मची रही। गुरुवार को यहां 4 महिलाओं की प्रसूति होने के 3 घंटे बाद अचानक उन्हें झटके आने लगे। इससे परिजन घबरा गए। डॉक्टर भी ऐसा क्यों हो रहा, इस बात को समझ नहीं पाए, जब परिजनों ने हंगामा करना शुरू किया, तब इस घटना की दखल ली गई। अधिष्ठाता ने खुद आकर विविध जांच के निर्देश दिए, दवाएं बदली गईं। नौबत यहां तक आ गई कि, दो महिलाओं को आईसीयू में रखना पड़ा। अब भी एक महिला आईसीयू में भर्ती है। खास बात यह है कि, 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आखिर महिलाओं को झटके क्यों आए, इस बारे में पता नहीं चल सका है।

अलग-अलग कारण बताकर करते रहे गुमराह :सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार को मेयो अस्पताल में कुल 9 महिलाओं की सिजेरियन से प्रसूति हुई थी। इनमें से 4 महिलाओं की प्रसूति सुबह 9.50 बजे हुई थी। उन्हें 11.30 बजे बाहर लाया गया। इसके एक घंटे बाद एक महिला को उल्टियां होने लगीं। इसके बाद उसे इंजेक्शन दिया गया। इंजेक्शन देने के बाद वह झटके मारने लगी। इस घटना के तीन घंटे बाद अन्य तीन महिलाएं भी झटके मारने लगीं। महिलाओं की यह हालत देखकर परिजन घबरा गए। उन्होंने डॉक्टरों से पूछताछ की, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे थे। परिजनों को बताया गया कि, एक महिला को तीसरी बार लड़की हुई है, इसलिए झटके आ रहे हैं। दूसरी के बारे में बताया कि, उसे हिपेटाइटिस बी है, इसलिए झटके आ रहे हैं। तीसरी के बारे कहा कि, उसे जुड़वा बच्चे हुए हैं, इसलिए झटके आ रहे हैं। चौथी महिला को पहले से झटके की बीमारी होने का तर्क दिया गया। डॉक्टरों के जवाब से परिजन संतुष्ट नहीं थे। आखिर में डॉक्टर, परिजनों को यह सांत्वना देते रहे कि, उपचार किया जा रहा है, स्थिति सामान्य है।

समाजसेवी के हस्तक्षेप के बाद जागे डॉक्टर : जब परिजनों ने खतरे को भांप लिया, तो उन्होंने समाजसेवी वसीन खान को इसकी जानकारी दी। वे रात को ही अस्पताल में पहुंचे। उस समय महिलाओं की हालत नाजुक थी। उनका सीटी स्कैन, एमआरआई आदि किया गया। उसकी रिपोर्ट सामान्य आ चुकी थी। अंतत: दो महिलाओं काे आईसीयू में शिफ्ट किया गया। तुरंत न्यूराफिजिशियन को बुलाया गया। उनके जांच करवायी गई। जांच में उन्होंने सामान्य होने की जानकारी दी। महिलाओं को जो दवाएं दी गई थीं, वे दवाएं बदली गईं। सुबह तीन महिलाओं की हालत में सुधार हुआ। उन्हें सामान्य वार्ड में रखा गया। एक महिला की हालत अब भी नाजुक बतायी जा रही है। उसे आईसीयू में ही रखा गया है।

कारण का पता नहीं चल सका है : गुुरुवार को 9 महिलाओं की सिजेरियन हुई है। चार महिलाओं को ही झटके क्यों आए, इसका कारण पता नहीं चल पाया है। एनेस्थेसिया या दवाओं का असर होता, तो सभी को होना चाहिए। महिलाओं की स्थिति सामान्य होने के बाद इस मामले की कड़ी जांच की जाएगी। इसमें किसी ने लापरवाही बरती हो, तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। मैं स्वयं इस मामले का संज्ञान लेकर जानकारी ले रहा हूं। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार शुरू है। -डॉ. रवि चव्हाण, अधिष्ठाता

Created On :   16 March 2024 12:07 PM GMT

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