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क्रिकेट: गंभीर ने गांगुली और धोनी को नहीं, इस खिलाड़ी को बताया टीम इंडिया का बेस्ट कैप्टन

क्रिकेट: गंभीर ने गांगुली और धोनी को नहीं, इस खिलाड़ी को बताया टीम इंडिया का बेस्ट कैप्टन

हाईलाइट

  • भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने अनिल कुंबले को भारत का बेस्ट कप्तान बताया
  • गंभीर ने कहा- कई कप्तानों के अंडर खेला, लेकिन उन सभी में अनिल कुंबले सबसे निस्वार्थ और ईमानदार इंसान हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने अनिल कुंबले को भारत का बेस्ट कप्तान बताया। गंभीर ने क्रिकेट कनेक्टेड कार्यक्रम के दौरान यह बात कही है। उन्होंने कहा कि, उनके साथी अनिल कुंबले टीम के सर्वश्रेष्ठ कप्तान रहे हैं, जिनकी कप्तानी में वह नेशनल टीम में खेले थे। गंभीर ने पूर्व कप्तान सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भी खेल चुके हैं। लेकिन जब बात सर्वश्रेष्ठ कप्तानों को चुनने की आई है, तो उन्होंने कुंबले का नाम लिया। गंभीर ने कहा, अगर रिकॉर्ड की बात करें तो मैं धोनी का नाम लूंगा, लेकिन जिन कप्तानों के साथ मैं खेला हूं, उनमें अनिल कुंबले सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं।

कुंबले लंबे समय तक कप्तानी करते तो वे कई सारे रिकॉर्ड तोड़ देते
गंभीर ने कहा, सौरव गांगुली ने शानदार काम किया। लेकिन एक खिलाड़ी है जिसे मैं भारत के लिए ज्यादा समय तक टीम के कप्तान के रूप में देखना चाहता था तो वो अनिल कुंबले हैं। मैंने शायद उनकी कप्तानी में छह टेस्ट मैच खेले हैं। अगर उन्होंने लंबे समय तक भारतीय टीम की कप्तानी की होती, तो वो कई रिकॉर्ड तोड़ देते। कुंबले ने 2007 में राहुल द्रविड़ के बाद टीम की कप्तानी संभाली थी। यह उनके क्रिकेट करियर के 17वां साल था। उन्होंने 14 टेस्ट मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की थी, जिसमें भारत ने 3 मैच जीते, 6 हारे और पांच ड्रॉ रहे थे। बता दें कि, कुंबले ने भारत के लिए 132 टेस्ट में 619 और 271 वनडे में 337 विकेट लिए हैं।

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सभी कप्तानों में कुंबले सबसे निस्वार्थ और ईमानदार इंसान
गंभीर ने आगे कहा कि, कप्तान और नेता होने में बहुत फर्क होता है। मैं अपने करियर में बहुत सारे कप्तानों के अंडर में खेला हूं। उनमें से कुंबले सबसे निस्वार्थ और ईमानदार इंसान हैं। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। बता दें कि, गंभीर ने 2004 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गांगुली की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू किया था। यह मैच मुंबई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला गया था। इसके बाद गंभीर ने राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले और धोनी की कप्तानी में भी मैच खेला था। 

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गंभीर 2007 टी-20 और 2011 वनडे वर्ल्ड कप की विजेता टीम का हिस्सा थे
गंभीर 2007 टी-20 और 2011 वनडे वर्ल्ड कप की विजेता टीम के सदस्य भी रहे हैं। 2011 वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 97 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली थी। बता दें कि भारतीय टीम ने यह दोनों वर्ल्ड कप धोनी की कप्तानी में जीते थे। गंभीर ने अपने करियर में टीम इंडिया के लिए 58 टेस्ट में 4154 रन, 147 वनडे में 5238 रन और 37 टी-20 मैचों में 932 रन बनाए थे। 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।