Israel-US-Iran War: 'अब मुद्दा सिर्फ युद्ध रोकने का नहीं रहा, बल्कि...', सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की ट्रंप को चेतावनी

अब मुद्दा सिर्फ युद्ध रोकने का नहीं रहा, बल्कि..., सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई की ट्रंप को चेतावनी
अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच बीते 26 दिनों से जंग जारी है। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से हो रहे ताबड़तोड़ हमलों से मिडिल ईस्ट दहला उठा है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच बीते 26 दिनों से जंग जारी है। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से हो रहे ताबड़तोड़ हमलों से मिडिल ईस्ट दहला उठा है। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने अमेरिका को धमकी दी है।

ईरान के सुप्रीम लीडर ने अमेरिका को दी धमकी

ईरान के सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिवालय ने कहा कि हमारा देश किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा, 'हमें दुश्मन को उस हद तक कमजोर करना है कि वह हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा न बने। मुद्दा केवल युद्ध को रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हमलावर को पछतावा हो।'

इससे पहले अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जारी है। मिडिल ईस्ट में दिन पर दिन तनाव बढ़ रहा है, जिससे देश के अन्य हिस्सों में भी भारी परेशानी देखने को मिल रही है। वहीं, अब अमेरिका बातचीत करके युद्ध को रोकने के लिए नरमी बरत रहा है। इसी बीच ईरान ने ट्रंप प्रशासन के उन दावों को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है। पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच कोई बातचीत नहीं होगी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इससे पहले मिडिल ईस्ट जंग में जीत का दावा किया है और कहा है कि ईरान ने परमाणु हथियार कभी नहीं रखने पर सहमति जताई है। साथ ही उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भी जुड़ी अहम सौगात भेजी है।

पाकिस्तान से ईरान के राजदूत ने ट्रंप को दी चेतावनी

आईआरएनए न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान में ईरान के राजदूत का कहना है कि युद्ध इस वजह से ही शुरू हुआ था क्योंकि अमेरिका ने बातचीत के बीच धोखा देकर हमला किया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच शांति वार्ता की किसी भी तरह की जानकारी देने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि इजरायल का लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देने का है।

इजरायल ने कहा है कि 'इस समय इजरायल और अमेरिका ईरान में सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं और हम ऐसे हमले करते रहेंगे। साथ ही हम ये सुनिश्चित करेंगे कि ईरान के पास किसी भी तरह की परमाणु क्षमता न रहे और बैलिस्टिक मिसाइलें भी ना रहें। हमने ईरान की सरकार को पूरी तरह से कमजोर कर दिया है। ऐसे में सबको ये समझना चाहिए कि कौन इस क्षेत्र में स्थिरता ला रहा है और कौन अशांति फैलाने का काम कर रहा है।

ईरान के अहम और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने अमेरिका के राजनयिक प्रयासों को दिखावा बताया है। उनका दावा है कि एक समय में संयुक्त राज्य अमेरिका की तरफ से इस्तेमाल किए जाने वाला वैश्विक प्रभाव अब खत्म हो गया है। ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता का कहान है कि अमेरिका की रणनीतिक शक्ति हार में बदल गई है।

Created On :   25 March 2026 8:04 PM IST

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