Cyclone Murasu Update: 'अर्नब' के बाद 'मुरासु' तूफान का खौफ, आज रात आंध्र के तट से टकराएगा, MP और महाराष्ट्र समेत इन राज्यों में दिख सकता है असर

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। देश के पूर्वी तट पर रहने वाले लोग अभी 'अर्नब' तूफान की भयंकर तबाही से अभी उबर ही रहे थे कि बंगाल की खाड़ी में एक और खतरनाक तूफान 'मुरासु' सिर उठाकर खड़ा हो गया है। मुरासु अब तेजी से आंध्र प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान आज रात करीब साढ़े 11 बजे से लेकर सुबह 4 बजे के बीच ओंगोल के पास तट से टकरा सकता है। विभाग के मुताबिक इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटे रह सकती है।
NDRF की टीमें तैनात
आज (सोमवार) सुबह 5.30 बजे यह चेन्नई से 200 किमी दूर था। इसकी रफ्तार 25 किलोमीटर प्रति घंटा थी। वहीं इस तूफान का असर चेन्नई, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में शुरू हो गया है। इन राज्यों के कई स्थानों पर तेज बारिश हो रही है। निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, जिसके चलते स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
तमिलनाडु के चेन्नई, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर में रविवार रात से बारिश हो रही है। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा एयरपोर्ट पर 10 उड़ाने रद्द कर दी गई हैं। ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगड़ा और कोरपुट समेत अन्य तटीय जिलों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। इन राज्यों में NDRF की तीन टीमें तैनात की गई हैं।
MP और महाराष्ट्र में दिखेगा असर!
मौसम विभाग के मुताबिक मुरासु तूफान का असर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना और महाराष्ट्र में दिख सकता है। विभाग की ओर से इन राज्यों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी बारिश होने की संभावना जताई है।
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कैसे पड़ा 'मुरासु' नाम?
इस चक्रवात का नाम भारत ने दिया है। 'मुरासु' का मतलब 'युद्ध का नगाड़ा' होता है। जब भी समुद्र में कोई चक्रवात उठता है, तो वैज्ञानिक और आम लोग उसकी आसानी से पहचान कर सकें, इसके लिए उसे खास नाम दिया जाता है। इस बार के तूफान को 'मुरासु' नाम दिया गया है। इसने 1 नवंबर यानि रविवार को चक्रवात का रूप लिया था। 24 घंटे के भीतर ही यह गंभीर तूफान में बदल गया।
यह नाम क्यों दिया गया? दरअसल, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की चक्रवात नामकरण प्रणाली के अंतर्गत बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के लिए निर्धारित पैनल में शामिल 13 देशों में से इस बार नाम देने का नंबर भारत का था। भारत ने ही इस तूफान का नाम 'मुरासु' सुझाया था।
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