Tamil Nadu Politics: फ्लोर टेस्ट से पहले AIADMK में टूट, एक गुट ने किया विजय की TVK को समर्थन देने का ऐलान, क्यों लेना पड़ा ये फैसला?

फ्लोर टेस्ट से पहले AIADMK में टूट, एक गुट ने किया विजय की TVK को समर्थन देने का ऐलान, क्यों लेना पड़ा ये फैसला?
तमिलनाडु में एआईएडीएमके में टूट के बाद पार्टी का एक गुट मुख्यमंत्री विजय की टीवीके सरकार के समर्थन में आ गया है। फ्लोर टेस्ट से पहले राज्य की राजनीति गरमा गई है।

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। एआईएडीएमके (AIADMK) में चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी दो हिस्सों में बंटती नजर आ रही है। एआईएडीएमके के नेता सीवी शनमुगम ने 13 मई को होने वाले फ्लोर टेस्ट से पहले मुख्यमंत्री विजय थलापति की पार्टी टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया है।

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एआईएडीएमके के एक गुट ने टीवीके सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। इस गुट का नेतृत्व वेलुमणि और शनमुगम कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि एआईएडीएमके के कुछ विधायक जल्द ही मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात करेंगे। शनमुगम ने आरोप लगाया कि पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी डीएमके के साथ मिलकर सरकार बनाना चाहते थे। वहीं, वेलुमणि ने पार्टी की महापरिषद की बैठक तुरंत बुलाने की मांग की है।

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क्या बोले CV शनमुगम?

AIADMK नेता CV शनमुगम ने कहा कि हमने TVK को अपना समर्थन देने का फैसला किया, जो विजयी रही। हमने यह पार्टी DMK के खिलाफ बनाई थी। 53 सालों से, हमारी राजनीति DMK के खिलाफ रही है। इस इतिहास को देखते हुए, एक प्रस्ताव रखा गया था जिसमें सुझाव दिया गया था कि DMK के समर्थन से AIADMK की सरकार बनाई जाए, हालांकि, हमारे ज्यादातर सदस्यों ने इसे अस्वीकार कर दिया और इसका विरोध किया। अगर हम DMK के साथ गठबंधन करते तो AIADMK का अस्तित्व ही मिट जाता। उन्होंने ऐसी स्थिति को स्वीकार करने से मना कर दिया। हम अभी बिना किसी गठबंधन के खड़े हैं, और अब हमारा ध्यान अपनी पार्टी को फिर से मजबूत और ताकतवर बनाने पर होना चाहिए। आखिरकार हमने TVK को अपना समर्थन देने का फैसला किया, जो विजयी रही।

देखें चुनावी आंकड़े

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके 108 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन बहुमत से 10 सीट पीछे रह गई। विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है इसलिए उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। इसके बाद टीवीके की सीटें 107 रह जाएंगी। टीवीके को सहयोगी दलों का भी समर्थन मिला है। कांग्रेस के 5 विधायक, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल के 2-2 विधायक गठबंधन में शामिल हैं। इन सभी को मिलाकर सरकार के पास 120 विधायकों का समर्थन है। वहीं, विपक्ष में डीएमके को 59 सीटें मिली हैं। एआईएडीएमके ने 47 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि बीजेपी सिर्फ एक सीट जीत सकी।

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Created On :   12 May 2026 3:04 PM IST

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